डीजीपी ने बताया कि महिला पावर लाइन 1090 को भी यूपी 100 से इंटीग्रेट करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं के लिए शुरू होने जा रही पिंक बस सेवा में पैनिक बटन को भी यूपी 100 से कनेक्ट किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्काल मौकेपर पहुंच सके।
इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने अनुरोध किया है। चुनाव आयोग भी यूपी 100 के साथ जुड़ने का उत्सुक है। एनएचएआई भी खुद को यूपी 100 से जोड़ना चाहता है ताकि नेशनल हाईवे पर आने वाली शिकायतों को दूर किया जा सके।
डीजीपी ने जीआरपी, फायर सर्विस और एंबुलेंस को यूपी 100 से इंटीग्रेट होने पर होने वाले फायदे भी बताए। जीआरपी पर बीते दो महीने में ही 2563 ऐसी शिकायतें मिलीं, जिन पर यूपी 100 और जीआरपी ने मिलकर रिस्पांस दिया।
डीजीपी ने कहा कि प्रयागराज कुंभ के दौरान यूपी 100 लोगों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। कुंभ के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को भी यूपी 100 से जोड़ा गया है। एसपी स्तर के एक अधिकारी को वहां तैनात किया गया है।
डीजीपी ने कहा कि पूरे देश में एक इमरजेंसी नंबर की बात चल रही है। यूपी में इसका ट्रायल किया जा चुका है और वह पूरी तरह से 112 पर स्विच करने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में यूपी 100 यूपी 112 के नाम से जाना जाएगा।
कॉलर ऑफ द ईयर को डीजीपी ने दिए पांच हजार रुपये
डीजीपी ने यूपी 100 में टॉप 9 पीआरवी ऑफ द डे हासिल करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। इनमें शिवा शुक्ला, शैलेंद्र कुमार वाजपेई, राजित वर्मा, कुलदीप सिंह, अवधेश कुमार यादव, एशपाल सिंह, राजपाल सिंह, राजेंद्र सिंह और सतेंद्र कुमार शामिल हैं। रेलवे ट्रैक टूटी होने की सूचना देकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाले पुरुषोत्तम कुमार को बेस्ट कॉलर आफ द ईयर चुना गया। डीजीपी ने उन्हें सम्मानित करने के साथ ही पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार अपनी ओर से देने की घोषणा की।