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शासन ने बनाई कमेटी, पुलिस ने शुरू की जांच

Sun, 10 Nov 2013 01:34 AM IST
प्रवेन्द्र गुप्ता/लखनऊ
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रायबरेली रोड स्थित एल्डिको उद्यान-2 कॉलोनी में टंकी ढहने की जांच के लिए शासन ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
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यह कमेटी 10 दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। कमेटी गठन के संबंध में विशेष सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।

वहीं दूसरी ओर मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एल्डिको चौकी इंचार्ज राय साहब द्विवेदी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
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शासन द्वारा बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष नगर आयुक्त नगर निगम लखनऊ होंगे। संयोजक/सदस्य होंगे महाप्रबंधक जलकल विभाग लखनऊ।

बतौर सदस्य मुख्य अभियंता नगर उत्तर प्रदेश जल निगम लखनऊ को कमेटी में शामिल किया गया है।

प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा नामित जल निगम केएक अधिशासी अभियंता से अनिम्न स्तर के अभियंता और नगर आयुक्त नगर निगम लखनऊ द्वारा नामित अधिशासी अभियंता से अनिम्न स्तर के अभियंता कमेटी के सदस्य होंगे।

उधर, पीजीआई थानाध्यक्ष अजीत सिंह चौहान ने बताया कि  मामले से जुड़े सभी दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए गए हैं।

मलबे की जांच भी कराई जाएगी। जांच अधिकारी ने बताया कि जलकल अभियंताओं से टंकी से जुडे़ सभी दस्तावेज मांगे जाएंगे।

उनसे टंकी निर्माण के तकनीकी व गुणवत्ता मानकों के बारे में भी पूछा जाएगा। टंकी हैंडओवर लेते समय जलकल विभाग ने गुणवत्ता और तकनीक जांच की या नहीं।

इस पर भी उनका बयान दर्ज किया जाएगा कि टंकी जर्जर है और कभी भी ढह सकती है, इसकी शिकायत मिलने के बाद भी उसकी मरम्मत में लापरवाही क्यों की गई।

इसी तरह एल्डिको चेयरमैन का भी बयान दर्ज किया जाएगा। उनसे टंकी निर्माण की डिजाइन, स्टीमेट और निर्माण में किस मानक की सामग्री प्रयोग की गई, इसकेसारे रिकार्ड मांगे जाएंगे।

घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के बाबत। पुलिस खुद भी निर्माण गुणवत्ता जांच कराएगा। जांच के लिए नमूना स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में लिया जाएगा।

जांच आईआईटी कानपुर या किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्था से कराई जाएगी।

तहरीर एक ही एफआईआर में
टंकी ढहने केमामले को लेकर अलग-अलग तीन पक्षों ने पीजीआई थाने में तहरीर दी है। पहली तहरीर सात नवंबर को टंकी ढहने के बाद कॉलोनी निवासी आशीष कुमार निगम ने थी। इस पर ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसके बाद आठ नवंबर को जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता ओपी सक्सेना की ओर से तहरीर दी गई।

इसी दिन कॉलोनी की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से भी तहरीर दी गई।

इसमें टंकी निर्माण के लिए एल्डिको केचेयरमैन एसके गर्ग को नामजद किया गया और सूचना दिए जाने के बाद भी टंकी निर्माण केलिए जलकल अधिकारियों (किसी का नाम नहीं है) को जिम्मेदार ठहराया गया।

आठ तारीख को आई इन दोनों तहरीरों को पलिस ने पहली एफआईआर में ही शामिल कर लिया है।

'टंकी में लगी घटिया निर्माण सामग्री'महापौर डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री के चलते टंकी ढही। मौके पर पहुंचे मेयर ने कहा कि टंकी में जितनी पतली सरिया इस्तेमाल की गई है वैसी तो घर की स्लेप में भी प्रयोग नहीं की जाती है।

टंकी ढहने की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान महापौर केसाथ कांग्रेस, सपा व भाजपा पार्षद दल के नेता भी साथ थे।

इस दौरान जलकल विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को लेकर क्षेत्रीय निवासियों ने महापौर से नाराजगी भी जताई। कॉलोनी में नई टंकी के निर्माण केलिए जलकल विभाग के महाप्रबंधक की ओर से जल निगम को पत्र भेज दिया गया है। महापौर ने पूरे शहर की टंकियों की जांच के लिए समिति बना दी है।
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कमेटी 15 दिन में रिपोर्ट देगी। कमेटी की पहली बैठक जीएम जलकल के कार्यालय में 11 नवंबर को 12 बजे होगी।

इसके अलावा जीएम जलकल को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी जर्जर की टंकियों की सूची बनाएं और जांच समिति केसाथ मौके पर जाकर निरीक्षण करें।

आईआईटी कानपुर की टीम खुद लेगी नमूना
आईआईटी कानपुर की टीम मौकेपर आकर नमूना लेगी। जलकल विभाग के सचिव राघुवेंद्र कुमार ने बताया कि बीती सात नवंबर को टंकी ढहने के बाद आठ नवंबर को जलकल विभाग के अधिशासी अभिंयता ओपी सक्सेना की ओर मलबे का नमूना जांच के लिए भेजा गया था।

इसे बिना जांच के ही आईआईटी ने यह कहते हुए वापस कर दिया है कि वह मौके पर आकर नमूना लेगी। टीम सोमवार या मंगलवार को आएगी।
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