निबंधन कार्यालय की शिफ्टिंग को लेकर उपजा विवाद फिलहाल ठंडा पड़ गया है।
गोमती नगर स्थित अंबेडकर स्मारक के प्रशासनिक भवन में शिफ्टिंग को लेकर
बिफरे वकीलों के बैकफुट पर आ जाने के बाद सोमवार को निबंधन कार्यालय में
पुलिस की निगरानी में कामकाज हुआ।
कर्मचारियों व अधिकारियों ने पर्याप्त
पुलिस बल व पीएसी फोर्स की तैनाती के बाद ही डेढ़ घंटा देरी से काम काज
शुरू किया। कर्मचारियों का कहना था कि
चेतावनी के बावजूद सुबह ड्यूटी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं
थी।
इसके विरोध में ही अधिकारियों व कर्मचारियों ने कामकाज शुरू नहीं किया।
सूचना पर साढ़े ग्यारह बजे जिलाधिकारी के निर्देश पर बड़ी संख्या में
पुलिस व पीएसी बल निबंधन कार्यालय पहुंच गया।
कामकाज के दौरान निबंधन
कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी शनिवार की घटना के विरोध में बांह पर काली
पट्टी बांधे रहे। वहीं, यूपी स्टांप एवं
निबंधन अधिकारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की आपात बैठक का आयोजन सोमवार को
किया गया।
इसमें पारित प्रस्ताव के जरिए शनिवार को कुछ वकीलों द्वारा
कार्यालय शिफ्टिंग के विरोध की आड़ में निबंधन में फर्जीवाड़ा रोकने का
सराहनीय प्रयास करने वाले एआईजी के साथ जिला प्रशासन के जिम्मेदार
अधिकारियों की उपस्थिति में हुई अभद्रता पर कड़ा रोष जताया गया।
इसके अलावा
प्रमुख सचिव निबंधन को भेजे गए पत्र में घटना की जांच कर दोषियों पर
कार्रवाई की मांग भी की गई।
सहायक आयुक्त निबंधन ओपी सिंह ने बताया कि
कार्यालय खुलने के समय पर्याप्त पुलिस बल मौजूद न होने से कुछ रोष था,
लेकिन बाद में पुलिस व पीएसी बल के आने के बाद काम काज सामान्य तरह से हुए।
निबंधन कार्यालय से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित
नए भवन में सीएम की इच्छानुसार, हाईटेक निबंधन कार्यालय संचालित किया जाना
है।