कानपुर की नवाबगंज पुलिस ने पॉश इलाके की आलीशान कोठी से चार हाई प्रोफाइल कॉलगर्ल और दो युवकों को दबिश देकर दबोचा लिया। जबकि सेक्स रैकेट संचालक मौके से फरार हो गया।
पकड़ी गईं लड़कियां दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से मंगाई गई हैं। पुलिस ने अड्डे से 82 हजार रुपये, मोबाइल, दवाएं, ग्राहकों की डायरी, स्कूटी और अश्लील सामाग्री बरामद की है। सेक्स रैकेट का संचालन व्हाट्सएप पर किया जा रहा था।
मकड़ीखेड़ा सीएनजी पेट्रोलपंप के पास एक आलीशान कोठी से शहर से लेकर विदेश तक की कॉल गर्ल व्हाट्सएप पर सप्लाई की जा रही थी। पूछताछ में सेक्स रैकेट संचालकों ने बताया कि ग्राहकों की एक डिमांड पर दर्जनों फोटो उसके रेट के साथ व्हाट्सएप पर भेजी दी जाती हैं।
इसके बाद ग्राहक जिस फोटो को सेलेक्ट करके जवाब देता है। उसके बताए गए ठिकाने पर पहुंचा दी जाती हैं। यदि उसके पास खुद की कोई जगह नहीं है तो संचालक अपने अड्डे पर पूरी व्यवस्था मुहैय्या कराता है।
एसओ ने ग्राहक बन रचा जाल
डेमो पिक
मामले की जानकारी नवाबगंज एसओ को होने पर व्हाट्सएप पर पिछले कई दिनों से संपर्क किया। इसके बाद डिमांड पर कई तश्वीरें भी मंगवाई और रेकी करने के बाद कॉल गर्ल के अड्डे पर दबिश देकर चार लड़कियां और दो लड़कों को दबोच लिया।
पूछताछ में युवकों ने अपना नाम कोतवाली निवासी सौरभ और नौबस्ता निवासी सुनील बताया है। जबकि सेक्स रैकेट का सरगना दीपक गुप्ता मौके से फरार हो गया। पुलिस मौके से मिली डायरी और मोबाइल में कई नेताओं और रसूखदार लोगों के नाम सामने आए हैं।
सीओ स्वरूप नगर आतिश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है। सरगना की तलाश में दबिश दी जा रही है।
सपा नेता बनकर चला रहा था रैकेट
क्राइम
- फोटो : demo
पूछताछ में पता चला कि आलीशान कोठी में संचालक दीपक गुप्ता सपा नेता बनकर रहता था। इसी के चलते मोहल्ले के लोग भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।
कुछ समय पहले ही कल्याणपुर पुलिस ने दीपक को सेक्स रैकेट में जेल भेजा था। उस समय अड्डे पर सपा नेता का बकायदे बोर्ड भी लगा रखा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्स रैकेट संचालकों ने एजूकेशन हब कहे जाने वाली कोचिंग मंडी को भी नहीं छोड़ा। यहां पर इंजीनियर और डॉक्टर बनने का सपने संजोकर आने वाले छात्रों को सिर्फ व्हाट्सएप के एक क्लिक पर कॉल गर्ल मुहैय्या कराई जाती हैं।
बरामद मोबाइल से भारी संख्या में स्टूडेंटों के मोबाइल नंबर मिले हैं, जो कि कोचिंग मंडी के स्टूडेंट हैं। कई छात्राओं के नाम भी सामने आए हैं, जो कम समय में अधिक रुपये कमाने के चक्कर में गैंग से जुड़ी हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो मौके पर पुलिस ने संचालक दीपक गुप्ता को भी दबोच लिया था। लेकिन अड्डे से थाने ले जाते वक्त कहां चला गया किसी को समझ नहीं आ रहा है। लोगों की माने तो दीपक पुलिस से सेटिंग करके भाग निकला।