गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज करने में चौबीस घंटे का वक्त लगाने वाले एसओ मूसाझाग रामलखन यादव ने सिपाहियों की रवानगी और आमद में हेरफेर करने के साथ ही आनन-फानन कई सबूत नष्ट करने में कसर नहीं छोड़ी।
शुक्रवार को डीआईजी आरकेएस राठौर और फॉरेंसिक स्टेट लैब की टीम के मूसाझाग पहुंचने से पहले ही एसओ रामलखन यादव ने न केवल आरोपी सिपाही वीरपाल के कमरे के ताला तुड़वा दिया, बल्कि वहां से कई आपत्तिजनक चीजें हटवा दीं। हालांकि फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने दोनों सिपाहियों के कमरों से कुछ चीजों को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।
मूसाझाग थाने के एक कमरे में ही किशोरी से सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव द्वारा रेप करने का आरोप है। किशोरी को बुधवार रात करीब आठ बजे थाना क्षेत्र के एक गांव से सिपाही वीरपाल की लग्जरी कार से अगवा किया गया था।
पुलिस को जब पता लगा कि डीआईजी समेत फॉरेंसिक टीम और बड़े अधिकारी थाने और गांव पहुंचने वाले हैं तो थाने में वीरपाल के कमरे के ताले तुड़वा कर कई चीजों को हटवा दिया। इस दौरान यहां सीओ उझानी नरेंद्रपाल सिंह भी पहुंच गए।
कमरे में मिले यूज किए गए कंडोम
सीओ के पहुंचने पर कमरे को बंद कर दिया गया। चर्चा है कि कमरे में शराब की बोतलें, एक नाजायज रायफल और यूज किए गए कंडोम थे, जिन्हें फॉरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले ही हटा दिया गया।
यही नहीं, गुरुवार को जब घटना की बाबत एसओ से बात की गई थी तो उन्होंने सिपाहियों की रवानगी का तो वक्त बताया था लेकिन आमद के बारे में पूछने पर कहा था कि दोनों सिपाही रवानगी के बाद थाने नहीं लौटे थे, दोनों फरार हैं।
शुक्रवार को डीआईजी आरकेएस राठौर ने सिपाहियों के गुरुवार सुबह पांच बजे थाने में आमद कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि दोनों सिपाही हल्का नंबर दो में तैनात थे।
इस हल्के में करीब 14 गांव हैं। बकौल, डीआईजी सिपाही एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार हुए। सवाल है कि जब सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी तो फिर पुलिस ने उन्हें थाने से जाने क्यों दिया।
महिला आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट
बदायूं में पुलिस थाने में किशोरी से गैंगरेप मामले में महिला आयोग ने एसएसपी बदायूं से पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, आरोपियों पर सख्त कार्यवाही के आदेश दिए हैं। मेरठ में छात्रा के साथ गैंगरेप, हरदोई में छात्रा पर तेजाब फेंकने पर भी रिपोर्ट मांगी गई है।