लखनऊ। बहराइच के भमभौरा निवासी अधिवक्ता अमर सिंह ने पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोगों पर बेटे दिव्यांश पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। चिनहट पुलिस पर भी बेटे के फर्जी मामले में जेल भेजने का आरोप है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर चिनहट पुलिस ने शनिवार को छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
अमर ने बताया कि उनका बेटा चिनहट के मटियारी में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। आरोप है कि चार मई की रात आदित्य सिंह, अमोल, अमर, दीपक और गायत्री देवी व पुलिसकर्मियों ने बेटे को जान से मारने की नियत से उस पर हमला कर दिया। बेटे केे सिर और शरीर के हिस्सों में गंभीर चोटें आ गईं। बेटे को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। आरोप है कि इस दौरान चिनहट पुलिस आरोपियों के साथ वहां पहुंची और जबरन बेटे को उठाकर थाने ले गई। चिनहट पुलिस ने बेटे पर फर्जी एफआईआर दर्ज कर दी और उसे जेल भेज दिया। अधिवक्ता ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर वह लखनऊ आए और बेटे के चोट के निशान देखने पर जब चिनहट थाने में आरोपियों की खिलाफ तहरीर दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में पुलिस आयुक्त से मिलकर शिकायत की। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत हैं। बताया कि कुछ समय पहले चिनहट में फायरिंग हुई थी। एक गोली गायत्री देवी को लगी थी। उसी मामले में दिव्यांश व अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसी मामले में दिव्यांश वांछित था। इसलिए उसे जेल भेजा गया था। फिलहाल अमर की तहरीर पर आदित्य सिंह, अमोल, अमर, दीपक और गायत्री देवी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की तफ्तीश की जा रही है।