सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर परेशान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों की उपस्थिति की औचक जानकारी ली तो कई जिलों के कप्तान जनसुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं पाए गए।
सीएम ने अधिकारियों के इस रवैये पर नाराजगी जताई है। माना जा रहा है कि जल्द ही कई अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल किया जा सकता है।
सूबे के विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने हाल ही आला अफसरों को चौकस रहने की ताकीद की थी।
की कानून-व्यवस्था की समीक्षा
उन्होंने बुधवार को डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह को तलब कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी की थी।
गुरुवार को जब मुख्यमंत्री ने खुद जिलों में फोन कराकर जनसुनवाई के दौरान कप्तानों की मुस्तैदी की जानकारी लेनी शुरू की तो चित्रकूट, देवरिया, बांदा समेत कई जिलों के कप्तान कार्यालय से नदारद मिले।
कहीं से जवाब मिला कि कप्तान साहब किसी घटनास्थल पर गए हैं तो कहीं से बताया गया कि एसपी हाईकोर्ट गए हैं। गोंडा, कुशीनगर, जालौन समेत कई जिलों के पुलिस अधीक्षक अपने कार्यालय में उपस्थित मिले।
अखिलेश को मिली जानकारी
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने गृह विभाग व पुलिस के उच्च अधिकारियों को इन कप्तानों की कार्यशैली से अवगत कराया है।
अनुपस्थित पाए गए कप्तानों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही कई जिलों के कप्तानों की तैनाती में फेरबदल किया जा सकता है।
आमजन की समस्याओं की अनदेखी पड़ेगी भारी
मुख्यमंत्री ने फील्ड में तैनात प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में जनसामान्य की समस्याओं व शिकायतों को सुनकर उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही करें।
जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के कार्य के मूल्यांकन में इसका खास तौर पर ध्यान रखा जाएगा कि उनसे कितने लोग मिले और उनकी समस्याओं के निदान के लिए क्या कदम उठाए गए।