शोहदों के आतंक से परेशान होकर कॉलेज छोड़ने वाली दोनों बहनों की सुरक्षा के लिए दो सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। वहीं एसपी ने इस मामले में सदर कोतवाल को ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर, मंगलवार को सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन के नेतृत्व में सपा एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा।
एमएलसी ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन बेटियों को सुरक्षा देने में फेल है। राजभवन का नाम लेकर आरोपी का पिता पीड़ित परिवार को धमका रहा है। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि सरकार के मंत्रियों के करीबी आरोपियों को बचाने में जुटे हैं।
दरअसल, शोहदों के आतंक व पुलिस के कार्रवाई न करने से दो बहनें इतना आजिज आ गई कि कॉलेज जाना ही छोड़ दिया था। आरोपियों की धमकी से परेशान दोनों बहनों ने सोमवार को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
बाराबंकी से इंजीनियरिंग कर रही बड़ी बहन ने अपने कॉलेज के ही छात्र दिव्य पांडेय व उसके दोस्त अंकित पर रेप का केस दर्ज कराया था पर पुलिस के कार्रवाई न करने से आरोपियों के हौसले बुलंद थे। मामला सुर्खियों में आते ही पुलिस एक्शन में आ गई। मंगलवार को एसपी शिवहरि मीणा ने दोनों बहनों की सुरक्षा में दो सिपाही तैनात कर दिए।
एसपी ने बताया कि दो सगी बहनों के पीएम-सीएम को खून का पत्र लिखने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए घर पर दो सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। कोतवाल से मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हर हाल में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।