लखनऊ। सेवानिवृत्त एफसीआई अधिकारी अंसार जमाल अब्बासी और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 42.09 रुपये की ठगी करने में छह मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया था। यह सिम असम, गुजरात और कर्नाटक के थे। जालसाजों ने यूएई, चीन और कंबोडिया के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर ठगी की थी। जांच में लगी साइबर थाने की टीम ने जालसाजों के दो खातों में ट्रांसफर कराए गए 13.83 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक, साइबर जालसाजों ने ठगी की रकम छह बैंक खातों में ट्रांसफर कराई थी। अभी तक दो बैंक खातों से संबंधित विवरण प्राप्त हो चुका है। पुलिस ने इन दोनों खातों में जमा 13,83,735 रुपये फ्रीज करा दिए हैं। अन्य चार बैंक खातों का विवरण अभी पुलिस को नहीं मिला है। इसके लिए पुलिस बैंकों से संपर्क कर रही है। जांच में पुलिस को पता चला कि दंपती को डिजिटल अरेस्ट करने के लिए जालसाजों ने छह अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया था। ये मोबाइल नंबर असम, गुजरात और कर्नाटक में सक्रिय हैं। पीड़ितों को व्हाट्सएप कॉल करने के लिए जिन आईपी एड्रेस का इस्तेमाल किया गया उनकी लोकेशन कंबोडिया, यूएई और चीन की मिली है।
यह है पूरी घटना
लालबाग निवासी अंसार जमाल अब्बासी और उनकी पत्नी को जालसाजों ने 19 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 42.09 लाख रुपये ठग लिए थे। जालसाजों ने उन्हें 23 जुलाई से 10 अगस्त तक डिजिटल अरेस्ट रखा था। उन्होंने खुद को एनआईए, एटीएस और सीबीआई का अधिकारी बताकर अंसार को टेरर फंडिंग के मामले में जेल भेजने की धमकी दी थी। डर के कारण अंसार ने अपनी एफडी तुड़वाकर जालसाजों के खातों में रुपये ट्रांसफर कर दिए थे।