लखनऊ। रसूल-अल्लाह की उम्मत के बेहतरीन लोग वे हैं, जिनके अखलाक अच्छे हैं। इंसान की कामयाबी के लिए अच्छे अखलाक जरूरी हैं। ये बातें मदरसा दारुलमुबलिगीन पाटानाला के वरिष्ठ अध्यापक मौलाना कारी मोहम्मद सिद्दीक ने कहीं।
वह अकबरी गेट स्थित एक मिनारा मस्जिद में मरकजी जमीयतुल हुफ्फाज की ओर से आयोजित पांचवें जलसे को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कयामत के दिन मोमिन के आमाल में सबसे भारी चीज उसके अच्छे अखलाक होंगे। जलसे की शुरुआत कारी मोहम्मद अली की तिलावते कुरआन से हुई।
मोहम्मद अरशी, कारी मोहम्मद ताहा और मोहम्मद बिलाल ने नात व मनकबत पेश की। अध्यक्षता हाफिज अब्दुल रशीद ने की। समापन कारी सिददीक की दुआ से हुआ।