कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़े राज एक-एक कर खुलते जा रहे हैं। पुलिस ने वो कार ढूंढ ली है जिससे कि विकास उज्जैन गया था।
यह कार मनोज यादव के नाम पर रिजस्टर्ड है और नंबर प्लेट पर हाईकोर्ट लिखा हुआ है। बता दें कि विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने लखनऊ के दो वकीलों को भी उज्जैन से पुलिस हिरासत में लिया गया है। ये दोनों वकील निजी गाड़ी से उज्जैन गए थे। पुलिस उनसे विकास दुबे से कनेक्शन की जांच कर रही है।
पुलिस को आशंका है कि कहीं इन्होंने ही तो विकास दुबे की मदद नहीं की क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस को चकमा देते हुए विकास मध्य प्रदेश कैसे पहुंच गया ये बड़ा सवाल है। पुलिस उसके गुर्गों का सफाया करने में लगी रही और विकास दुबे उज्जैन पहुंच गया। अब सवाल उठ रहा है आखिर वहां तक पहुंचने में विकास की मदद कौन कर रहा था।