प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को रविवार को पुलिस ने उनके ही बहुखंडी विधायक व मंत्री आवास में नजरबंद कर दिया। इस दौरान अपने आवास पर प्रेसवार्ता में लल्लू ने कहा कि यूपी में अघोषित इमरजेंसी है। अगर गाय माता और किसानों को बचाने के लिए कांग्रेस पदयात्रा करना चाहती है, तो सरकार क्यों रोक रही है। वह गौमाता के अस्थि कलश को मंदाकिनी नदी में विसर्जित करना चाहते हैं। सरकार ही इसके लिए उपयुक्त समय बता दे।
लल्लू ने कहा कि पूरे प्रदेश में गौशालाओं में गाय माता सरकारी उदासीनता के नाते तड़प-तड़प कर मर रही हैं। न चारे का इंतजाम है और न ठंड से बचने का। प्रदेश के अधिकांश जिलों में यही स्थिति है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पत्र लिखा, पर सरकार ने उनकी भी नहीं सुनी। सरकार ने आय बढ़ाने की स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने और किसानों के कर्जमाफी की बात की थी।लेकिन, कर्जमाफी तो छोड़िये सरकार ने फसलों का मुआवजा तक देने का काम नहीं किया। यूपी से लगभग 50 लाख से अधिक किसानों का हस्ताक्षर इस बात का गवाह है कि यहां का किसान भी काले कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है।
लल्लू ने कहा, गायों की दुर्दशा को देखते हुए शनिवार को जब ललितपुर से पदयात्रा शुरू की, तो सरकार ने दमन का रास्ता अपनाया। पुलिस ने मध्य प्रदेश में लाकर मुझे रोका। मध्य प्रदेश से रोकने के बाद रात्रि में मुझे वहां से लाकर घर में कैद रखा गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीएम ये बताएं कि क्या प्रदेश में गाय माता को बचाने के लिए अभियान चलाना या किसानों की बात करना गुनाह है? क्या हमारा कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है? लल्लू ने अस्थि कलश हाथ में लेकर कहा कि यह अस्थि कलश गाय माता की है। इसमें ललितपुर से उस मिट्टी को भरा गया है, जहां गाय माता ने दम तोड़ा था। इस अस्थिकलश को वह चित्रकूट ले जाकर पवित्र मंदाकिनी नदी में विसर्जित करना चाहते हैं। सरकार यह बताए कि इस अस्थिकलश को वह वहां कब ले जाकर विसर्जित कर सकते हैं।