लखनऊ। आयुष्मान योजना में नौ करोड़ 94 लाख के घपले के मामले में पुलिस अब तक घपलेबाजों को चिह्नित नहीं कर पाई है। घपले के 7.01 करोड़ रुपये सांचीज एजेंसी को वापस भी मिल चुके हैं। बची हुई रकम वापस हासिल करने के लिए प्रयास जारी है।
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि मामले में छह जून को हजरतगंज थाने में आयुष्मान के तहत भुगतान कराने वाली एजेंसी सांचीज के नोडल अधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने केस दर्ज कराया था। एजेंसी के सीईओ, मैनेजर और लेखाधिकारी की ईमेल आईडी का दुरुपयोग कर घपला किया गया। शुक्रवार को हजरतगंज पुलिस ने शिकायतकर्ता डॉ. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव का बयान दर्ज किया। एसीपी ने बताया कि सारे ट्रांजेक्शन रात के वक्त किए गए थे। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि ट्रांजेक्शन के लिए किस आईपी एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) का प्रयोग किया गया था। इसके अलावा उस आईपी की लोकेशन कहां की है। इस जानकारी को जुटाने के लिए पुलिस साइबर क्राइम सेल की भी मदद ले रही है।
22 दिन में किया था घोटाला
पड़ताल में पता चला है कि 39 अस्पतालों के 6239 लाभार्थियों के नाम पर भुगतान कर रकम हड़पी गई थी। यह काम एक से 22 मई 2025 तक रात के समय किया गया। महज 22 दिन में जालसाजों ने नौ करोड़ 94 लाख 13 हजार 386 रुपये स्थानांतरित कर दिए थे।