मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक सोमवार को होगी। इसमें आगरा व वाराणसी में अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम और प्रदेश के 20 अन्य जिलों में पुलिस कंट्रोल रूम को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।
इसके अलावा सहकारी चीनी मिलों के कर्मियों व अधीनस्थ लेखा संवर्ग की नई नियमावलियों को मंजूरी मिल सकती है।
नौ बंद कताई मिलों को चलाने के लिए निजी क्षेत्र को मौका देने से जुड़े प्रस्ताव को भी इजाजत दी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश कैबिनेट सहकारी चीनी मिल संघ की परिसंपत्तियों एवं दायित्व के संबंध में एक नियमावली को मंजूरी देगी। इससे जुड़ी फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मियों की अब तक कोई नियमावली नहीं थी।
इससे इनकी सेवा व कार्यों को लेकर तमाम तरह की दिक्कतें आती थीं। अधीनस्थ लेखा संवर्ग नियमावली को भी मंजूरी दी जा सकती है।
अभी विभिन्न विभागों में लेखाकार, सहायक लेखाकार व सहायक लेखाधिकारी जैसे पदों के लिए अलग-अलग नियमावली है। इससे कई विसंगतियां सामने आती हैं।
सरकार जैव ऊर्जा नीति पर भी मुहर लगा सकती है। प्रदेश की नौ सहकारी कताई मिलों को फिर से चलाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। प्रस्ताव है कि इन मिलों को यूजर चार्ज लेकर निजी क्षेत्र को दे दिया जाए।
मिल चलाने वाले का चयन प्रतिस्पर्धा के जरिये होगा। एक्सप्रेस वे बनाने वाली संस्था यूपीडा में इंजीनियरों की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार की संभावना है।