पुलिस व क्राइम ब्रांच ने एसटीएफ के सहयोग से अलग-अलग स्थानों से शुक्रवार रात बावरिया गैंग के 15 लोगों को पकड़ा है। इनमें आठ महिलाएं शामिल हैं। गिरोह डेढ़ महीने से राजधानी में डेरा डाले था। महिलाओं व बच्चों के साथ विभिन्न होटलों में ठहरकर इलाकों की रेकी करके कई वारदात अंजाम दीं। गैंग के चार बदमाशों ने पिकनिक मनाने व तीर्थयात्राएं करने की भी बात कुबूली।
इनमें विभूति खंड इलाके में डीएफओ के घर डकैती और मलिहाबाद में लूट की दो और चोरी की चार वारदात कुबूली हैं। डकैती में तीन बदमाश हत्थे चढ़े, जबकि चार फरार हैं। बदमाशों के कब्जे से 2.33 लाख रुपये, लाखों के गहने, तमंचा व नकब लगाने के उपकरण बरामद हुए।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि डीएफओ अशोक कुमार शुक्ला के घर डकैती के मामले में एसटीएफ ने बावरिया गैंग का लोकेशन ट्रेस होने पर अहम जानकारी दी।
इस पर विभूति खंड थाने व क्राइम ब्रांच की टीम ने बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी करके महिंद्रा एक्सयूवी गाड़ी पकड़ी।
कैश के साथ ही मिलीं कई अन्य चीजें भी
गैंग के पास से मिले मोबाईल
- फोटो : amar ujala
उसमें सवार हरिद्वार के ज्वालापुर थाने के लाल मंदिर कॉलोनी निवासी अजय कुमार बहेलिया, शाहजहांपुर के पुवायां थाने के गांव दुरिया निवासी केपी सिंह, राजस्थान के अलवर जिले की जाट कॉलोनी निवासी सोनू बहेलिया को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से तमंचा, 90 हजार रुपये, सोने व चांदी के गहने, पांच मोबाइल बरामद किए।
पूछताछ में कुबूला कि डीएफओ के घर डकैती में शामिल धारा सिंह समेत चार बदमाश दूसरी गाड़ी से भागे हैं। इस पर पूरे जिले में सघन चेकिंग के आदेश के साथ उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर लोकेशन ट्रेस किया गया। हरदोई रोड पर मूवमेंट पता चला।
मलिहाबाद के मिर्जागंज चौराहे पर चारों तरफ से नाकाबंदी करके दो गाड़ियां रोकी गईं। उनमें अजय बहेलिया की दो पत्नियों के साथ कुनबे के लोग सवार थे।
इनकी भी हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने अजय की पत्नी सुनीता व संगीता के साथ गुड़गांव के सेक्टर-10 निवासी मुकेश बावरिया, उसकी पत्नी कंचन, नई दिल्ली के नजफगढ़ थाने के नया रोशनपुर निवासी धर्मेंद्र बावरिया, उसके पिता पप्पू सिंह, मां सावित्री, शाहजहांपुर के पुवायां थाने के हर्रैया निवासी राकेश बहेलिया, गांव देउरिया निवासी विमला सिंह, योगेश की पत्नी सोनू, अजय के साथ पकड़े गए सोनू बहेलिया की पत्नी मनीषा व धौलपुर राजस्थान की बजरंग कॉलोनी निवासी प्रीतम सिंह की पत्नी पिंकी को गिरफ्तार किया। उनके साथ छह बच्चे भी थे।
हत्थे चढ़े अपराधियों के कब्जे से 1.43 लाख रुपये, लाखों रुपये के गहने व अन्य सामान बरामद हुआ। पूछताछ में कुबूला कि अजय व उसके दोनों साथियों के पकड़े जाने की भनक लगने पर गिरोह शाहजहांपुर के लिए रवाना हुआ था।
ये वारदातें कुबूलीं
मलिहाबाद थाना प्रभारी राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि बावरिया गैंग के चारों बदमाशों व महिलाओं ने पूछताछ में छह वारदातें कुबूलीं और चोरी व लूट का माल बरामद हुआ।
- 18 जुलाई की रात सहिलामऊ में हारुन के घर में घुसकर 50 हजार रुपये व गहने चुराए थे
- 25 जुलाई की रात मुजासा में साबिर अली के घर से 50 हजार रुपये नगद के साथ कुछ सामान चोरी किया
- 5 अगस्त की रात हरदोइया के लालनगर में संतराम के घर में नकब लगाकर 65 हजार रुपये व गहने चुराए थे
- 20 अगस्त की रात टिकरी कलां में शिवदेवी के घर में नकब लगाकर चोरी की। नगदी व गहने हाथ लगे
- 9 अगस्त की रात गांव हटौली में नबी हसन व अमानीगंज में विपिन और उसके भाई के घर धावा बोलकर लूटपाट की।
व्हाट्सएप से शेयर कर रहे थे अखबारों में छपी डकैती की खबरें
बावरिया गैंग की चार टोलियों में एक का मुखिया अजय बहेलिया पीजीआई में इलाज के बहाने उसी क्षेत्र के नटराज होटल में परिवार संग ठहरा था।
विभूति खंड इलाके में डीएफओ अशोक कुमार शुक्ला के घर डकैती के अगले दिन प्रमुख अखबार पढ़े। डकैती और बावरिया गिरोह पर शक की खबरों के फोटो खींचकर व्हाट्सएप से दूसरे स्थान पर डेरा डाले साथियों को भेजकर अलर्ट किया।
एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अजय बहेलिया, केपी सिंह व सोनू बहेलिया के कब्जे से बरामद पांच मोबाइल फोन का रिकॉर्ड खंगालने पर गिरोह की सतर्कता उजागर हुई। अजय ने डीएफओ के घर डकैती से संबंधित विभिन्न अखबारों में छपी खबरें व्हाट्सएप से अपने साथियों को शेयर की थी।
सोशल मीडिया से आपस में जुड़े बदमाशों ने पुलिस की गतिविधियों का जायजा लेने के साथ वारदात के फॉलोअप की खबरें एक-दूसरे को भेजते रहे। बावरिया गिरोह की तलाश की भनक लगने पर उन्होंने भाग निकलने का इरादा बनाया। इस बीच एसटीएफ उनके मोबाइल नंबर सर्विलांस पर ले चुकी थी। बदमाशों के आपसी वार्तालाप पर कान लगाने के साथ लोकेशन ट्रेस किया।
हफ्ता भर की डीएफओ के घर की रेकी
पूछताछ में अजय, केपी व सोनू ने कुबूला कि चिनहट, गोमतीनगर, विभूति खंड व इंदिरानगर इलाके के विभिन्न स्थानों का जायजा लिया। विराज खंड में डीएफओ अशोक कुमार शुक्ला के मकान को चिह्नित करके रेकी शुरू की।
पता चला कि डीएफओ के साथ उनकी पत्नी, बेटा-बेटी और नौकर रहता है। पत्नी के तन पर हीरे जड़ित सोने के गहने देखकर घर से लाखों माल मिलने का अंदाजा लगाया था। हत्थे चढ़े तीनों बदमाशों के साथ उनकी दूसरी टोली का धारा सिंह अपने चार साथियों समेत आया था।
दीवार कूदने की आहट पर दौड़े नौकर को पीटकर बंधक बनाने के साथ उसे डीएफओ के बेडरूम तक ले गए। डीएफओ को पीटकर बंधक बनाने के बाद परिवार के अन्य लोगों को बंधक बनाया और वारदात अंजाम देकर कुछ दूर खड़ी गाड़ी से फरार हुए थे।
इलाज, पिकनिक व तीर्थयात्रा
विभूति खंड थाने व क्राइम ब्रांच की टीम के हत्थे चढ़े अजय बहेलिया ने खुद को हृदयरोगी बताया और दिल थाम कर बैठ गया। बोला कि पीजीआई में इलाज कराने आया था। पुलिस ने उससे इलाज कर रहे डॉक्टर का नाम पूछा।
अनभिज्ञता जताने पर पीजीआई के लिए रेफर करने वाले डॉक्टर के बारे में सवाल किया लेकिन, अजय को नहीं मालूम था कि किसी डॉक्टर द्वारा रेफर किए जाने पर ही पीजीआई में इलाज होता है।
उसके साथ पकड़े गए केपी सिंह ने कहा कि परिवार समेत घूमने आया था। सोनू बहेलिया बोला कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के दर्शन करके लौट रहा था। इसी तरह मलिहाबाद में आठ महिलाओं के साथ गिरफ्तार चार बदमाशों ने भी इलाज, पिकनिक व तीर्थयात्रा की बात कही।
भागो कुड़कुड़े आ गए हैं
एएसपी सिटी उत्तरी विजय ढुल ने बताया कि बदमाशों द्वारा आपस में बातचीत के दौरान सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल किया जाता था। मसलन, अजय, केपी और सोनू की गिरफ्तारी की भनक लगते ही उसके साथी ने दूसरी टोली के मुखिया को फोन करके कहा कि भाग लो कुड़कुड़े आ गए हैं। अजय पकड़ा गया है। उनके सरगना ने यह भी कहा कि केपी कमजोर है कहीं टूट न जाए।
बड़ी मुश्किल से उगले राज
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि हत्थे चढ़े बावरिया गिरोह के बदमाश काफी देर तक खुद को बेगुनाह बताते रहे। एसटीएफ द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस से रिकॉर्ड की गई बातचीत उजागर करने पर उनके चेहरे लटके। मौका-ए-वारदात पर लोकेशन, बरामदगी व डकैती की खबरों को व्हाट्सएप से अपने साथियों को शेयर करने आदि सवाल पर बदमाशों ने डीएफओ को घर डकैती कुबूली।
रिकॉर्ड से नहीं मिले फिंगरप्रिंट
एसएसपी ने कहा कि अमर उजाला की खबर पर फोरेंसिक टीम को डीएफओ के घर से एकत्र अंगुलियों की छाप का डकैती के अन्य मौकों से उतारी अंगुलियों की छाप से मिलान के आदेश दिए गए। अंगुलियों छाप मेल नहीं खाई। संदेह हुआ कि बावरिया गैंग की ऐसी टोली ने वारदात अंजाम दी है जो चिनहट या गोमतीनगर की वारदात में नहीं थी।
पुलिस टीम को इनाम
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि आईजी जोन ए सतीश गणेश ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये के नगद इनाम की घोषणा की है। टीम में स्वाट टीम प्रभारी जेबी सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी अक्षय कुमार, एसआई अखिलेशचंद्र पांडेय, उदय प्रताप सिंह, भृगुनाथ ओझा, एचसीपी अमरेश त्रिपाठी, योगेंद्र सिंह, कांस्टेबल प्रमोद पांडेय, सरताज, श्रीगोविंद, आनंद सिरोही, मोहित सिंह, एसओ विभूति खंड अरविंद सिंह, कांस्टेबल उत्तम वाजपेयी, जावेद असलम, मनोज कुमार, अखिलेश वर्मा थे।