22 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सोशल मीडिया पर ऐसी तमाम पोस्ट होने लगी, जो दूसरे राज्यों एवं देशों की घटनाओं से संबंधित थी, जिन्हें महाकुंभ की घटना बताकर प्रसारित किया जाने लगा। शुक्रवार को भी उत्तराखंड के चंपावत से संबंधित एक वीडिया पोस्ट कर उसे महाकुंभ में पत्थरबाजी की घटना बताया गया। इस मामले में पुलिस ने 22 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
40-50 गाड़ियां राख होने की अफवाह फैलाई गई
वहीं बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने दो वीडियो का संज्ञान लिया, जिसमें 'मिस्र के अग्निकांड को महाकुंभ की आग' बताकर पोस्ट किया गया था। संबंधित वीडियो मिस्र में वर्ष 2020 में हुई एक तेल पाइपलाइन दुर्घटना का था, जिसे महाकुंभ बस स्टैंड में आग लगने से 40-50 गाड़ियां राख होने की अफवाह फैलाई गईं।
इस मामले में सात सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं दूसरे वीडियो में पटना की घटना को महाकुंभ का बताकर प्रसारित किया गया। वीडियो बिहार में एक फिल्म प्रमोशन इवेंट में हुई अव्यवस्था का था। अफवाह फैलाई गई कि 'कुंभ में राष्ट्रवादी लोगों ने आर्मी जवानों पर चप्पलें फेंकी'। इस पोस्ट के लिए 15 सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई की गई।