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Mahakumbh 2025: 'मिस्र के अग्निकांड को बताया महाकुंभ की आग', 54 फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिसिया कार्रवाई

Fri, 14 Feb 2025 07:59 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

महाकुंभ के बारे में माहौल बिगाड़ने वाली फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। प्रयागराज महाकुंभ में पुलिस के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट भी चुनौती बनी हुई है। इनका फैक्ट चेक के जरिये एनकाउंटर हो रहा है। डेडिकेटेड टीमें इस पर काम कर रही हैं। 

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54 फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिसिया कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट करके महाकुंभ के बारे में झूठी सूचनाएं और अफवाहें फैलाने वाले लोगों पर यूपी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस आयोजन को बदनाम करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ पुलिस सख्ती बरत रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। अब तक 54 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा चुकी है।

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बता दें कि महाकुंभ शुरू से ही अराजक तत्वों के निशाने पर रहा है। पहली फर्जी वेबसाइट के जरिए श्रद्धालुओं को ठगने का प्रयास किया गया था। इस पर पुलिस ने सख्ती से अंकुश लगाया। तत्पश्चात, मौनी अमावस्या के दौरान हुए हादसे ने अराजक तत्वों को फिर महाकुंभ का माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने का मौका दे दिया। 

22 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सोशल मीडिया पर ऐसी तमाम पोस्ट होने लगी, जो दूसरे राज्यों एवं देशों की घटनाओं से संबंधित थी, जिन्हें महाकुंभ की घटना बताकर प्रसारित किया जाने लगा। शुक्रवार को भी उत्तराखंड के चंपावत से संबंधित एक वीडिया पोस्ट कर उसे महाकुंभ में पत्थरबाजी की घटना बताया गया। इस मामले में पुलिस ने 22 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 

40-50 गाड़ियां राख होने की अफवाह फैलाई गई

वहीं बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने दो वीडियो का संज्ञान लिया, जिसमें 'मिस्र के अग्निकांड को महाकुंभ की आग' बताकर पोस्ट किया गया था। संबंधित वीडियो मिस्र में वर्ष 2020 में हुई एक तेल पाइपलाइन दुर्घटना का था, जिसे महाकुंभ बस स्टैंड में आग लगने से 40-50 गाड़ियां राख होने की अफवाह फैलाई गईं। 

इस मामले में सात सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं दूसरे वीडियो में पटना की घटना को महाकुंभ का बताकर प्रसारित किया गया। वीडियो बिहार में एक फिल्म प्रमोशन इवेंट में हुई अव्यवस्था का था। अफवाह फैलाई गई कि 'कुंभ में राष्ट्रवादी लोगों ने आर्मी जवानों पर चप्पलें फेंकी'। इस पोस्ट के लिए 15 सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई की गई।

फैक्ट चेक के बाद हुई कार्रवाई

  • 13 जनवरी : फायर सर्विस की मॉक ड्रिल का वीडियो पोस्ट कर इसे वास्तविक आग की घटना बताया गया।
  • 2 फरवरी : नेपाल के पुराने वीडियो को महाकुंभ की भगदड़ का वीडियो बताने वाले सात अकाउंट पर कार्रवाई।
  • 7 फरवरी : संगम में श्रद्धालुओं की भीड़ को भगदड़ के रूप में दिखाने वाले एक फेसबुक अकाउंट पर केस।
  • 9 फरवरी : झारखंड के धनबाद की घटना को महाकुंभ से जोड़ने वाले 14 ट्विटर अकाउंट के विरुद्ध मुकदमा।
  • 12 फरवरी : वर्ष 2021 में गाजीपुर में मिले शवों की तस्वीरों को महाकुंभ से जोड़ने वाले सात अकाउंट पर कार्रवाई।
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अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई

डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि महाकुंभ की सुरक्षा के दृष्टिगत प्रदेश पुलिस ने साइबर पेट्रोलिंग की व्यापक रणनीति बनाई है। इसके तहत सोशल मीडिया सभी प्लेटफार्म की निगरानी की जा रही है। भ्रामक पोस्ट की पहचान करके खंडन, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसमें सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का भी सहयोग ले रही है। लोग सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि कर लें।
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