लखनऊ में बुधवार को दो प्राथमिक स्कूलों में मिडडे मील में मिला दूध पीने के बाद बच्चों को हालत खराब हो गई थी।
दूध पीने के बाद दोनों स्कूलों के करीब 70 बच्चों उल्टी और पेटदर्द की शिकायत करने लगे इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के दूसरे दिन स्कूल पहुंचे बच्चे मिडडे मील खाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
राजधानी के तोपखाना स्थित प्राथमिक व माध्यमिक पाठशाला आरए बाजार में बुधवार को दूध पीने के बाद बीमार हुए ज्यादातर बच्चे गुरुवार को अनुपस्थित रहे।
जो बच्चे स्कूल आए भी उनमें अक्षयपात्र संस्था द्वारा गुरुवार को परोसे गया खाना खाने वालों की संख्या बेहद कम थी। इसके बजाय बच्चे अपने-अपने घरों से लंच बॉक्स लेकर आए। गुरुवार को डीएम द्वारा गठित जांच टीम ने भी मौके पर जाकर जांच की।
सिटी मजिस्ट्रेट शत्रोहन वैश्य ने बच्चों से उनका हाल-चाल लिया तथा बुधवार की घटना के बारे में जानकारी ली। उनके साथ छावनी परिषद के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एनवी सत्यनारायण और बीईओ शिवनंदन सिंह भी थे।
बीमार 70 बच्चों पहुंचे सिर्फ 21
प्राथमिक व माध्यमिक पाठशाला आरए बाजार में बुधवार को 65 बच्चों की हालत दूध पीने से बिगड़ गई थी। बीसी बाजार स्थित स्कूल के पांच बच्चे दूध पीने के बाद बीमार हुए थे।
गुरुवार को बीसी बाजार स्कूल में बीमार हुए बच्चों में से दो और आर बाजार पाठशाला में 19 बच्चे उपस्थित हुए। प्राइमरी वर्ग में बीमार हुए बच्चों में से कक्षा तीन की नेहा, कक्षा एक की गायत्री, कक्षा पांच की खुशबू, कक्षा एक की खुशी, कक्षा एक की तान्या, कक्षा पांच के सुहेल और राजीव ही उपस्थित हुए।
इनमें से किसी ने भी अक्षयपात्र का खाना नहीं खाया। कुछ बच्चे लंच लेकर आए थे तो कई घर से खाकर आए थे। इसी तरह करन, यूसुफ, अमन, विशाल, विवेक, शादाब और सूरज ने भी खाना नहीं खाया।
हालांकि गुनगुन, बेबी, मोनी, महिमा, जन्नत, तनू और कोमल ने अक्षयपात्र द्वारा दिया हुआ खाना ही खाया। माध्यमिक के प्रिंसिपल रामफेर और प्राथमिक की शोभना ने कहा कि उन्होंने बच्चों पर किसी प्रकार दबाव नहीं बनाया। जिसकी मर्जी थी उन्होंने खाना खाया।
गुरुवार को मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के मेन्यू में दालयुक्त सब्जी और रोटी निर्धारित है। अक्षयपात्र संस्था ने बच्चों को रोटी के साथ आलू और राजमे की बनी हुई सब्जी दी। बुधवार की घटना को देखते हुए गुरुवार को अक्षयपात्र संस्था की क्वालिटी कंट्रोल टीम के लोग भी साथ में थे लेकिन मीडिया या स्कूल वालों से बात करने से बचते रहे।
यह था मामला
बुधवार को छावनी परिषद बोर्ड द्वारा संचालित तोपखाना स्थित आरए बाजार और बीसी बाजार स्कूल के बच्चों की हालत दूध पीने के बाद बिगड़ गई।
अक्षयपात्र संस्था द्वारा परोसा गया दूध पीने के आधे घंटे बाद बच्चों के पेट में दर्द शुरू हुआ और उन्होंने उल्टियां शुरू कर दी थीं।
हालत ज्यादा बिगडऩे पर 70 बच्चों को कैंटोन्मेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार देकर हालत पर काबू पाया। देर शाम तक दो बच्चों को छोड़कर बाकी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जिला अधिकारी राजशेखर ने एफएसडीए की टीम को नमूने लेने का निर्देश देने के साथ ही मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी।