प्रदेश सरकार ने यूपीएसआईडीसी को केरल व आंध्र प्रदेश की तर्ज पर सूबे में गेल व अन्य संस्थानों के साथ मिलकर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) व कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) के संयुक्त उपक्रम शुरू करने को हरी झंडी दे दी है।
इसके अलावा तीन परियोजनाओं के साथ एमओयू के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी गई है।
सोमवार को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) आलोक रंजन यूपीएसआईडीसी के निदेशक मंडल की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने गेल गैस लिमिटेड व अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर प्रदेश में गैस परियोजनाओं पर काम शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
यूपीएसआईडीसी के एमडी मनोज सिंह ने बताया कि केरल व आंध्र प्रदेश में पहले से ही इस तरह के साझा उपक्रम चल रहे हैं।
इसके अलावा बैठक में टेहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक विकास निगम (टीएचडीसी) की खुर्जा में प्रस्तावित सुपर पावर थर्मल की एक इकाई, भारत इलेक्ट्रानिक्स लि. (बीईएल) के रक्षा से जुड़े कल पुर्जे बनाने की फैक्ट्री के विस्तार व रायबरेली में रेल कोच फैक्ट्री की सहायक फैक्ट्री की स्थापना से जुड़े एमओयू के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
14 दिसंबर को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इन तीनों परियोजनाओं के लिए एमओयू हो सकता है।
बैठक में प्लास्टिक सिटी दिबियापुर, औरैया में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नालोजी (सीपेट) को तकनीकी संस्थान बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन नि:शुल्क आवंटित करने का फैसला हुआ।
बैठक में संयुक्त प्रबंध निदेशक सुशील कुमार यादव, वित्त विभाग के प्रतिनिधि राजीव श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक नीरजा कृष्णा व कंपनी सचिव आरके पुरवार आदि उपस्थित रहे।