लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24, 25 और 26 दिसंबर को प्रदेश के भाजपा सांसदों से संवाद करेंगे। इस दौरान मोदी सांसदों से उनके निर्वाचन क्षेत्र की स्थिति के साथ-साथ केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से भी बात करेंगे।
जानकारों का मानना है कि इस संवाद के बाद प्रदेश में लोकसभा चुनाव मैदान में फिर से उतारे जाने वाले चेहरे और चुनावी दौड़ से बाहर रखने वालों के नाम तय हो जाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री 24 दिसंबर को पश्चिम व ब्रज क्षेत्र और 25 को अवध व मध्य क्षेत्र के सांसदों से रूबरू होंगे।
26 दिसंबर को पूर्वांचल के सांसदों से उनके क्षेत्र की जानकारी लेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की 80 संसदीय सीटों में से इस समय भाजपा के 68, अपना दल एस के 2, कांग्रेस के 2, रालोद एक और सपा के सात सांसद हैं। वहीं, भाजपा ने लोकसभा-2019 में यूपी के लिए मिशन 73 प्लस का नारा दिया है।
झलक सकती है सांसदों की नाराजगी
पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक में सांसदों की नाराजगी भी झलक सकती है। कुछ सांसद अपनी नाकामी का ठीकरा प्रदेश सरकार के कामकाज पर भी फोड़ सकते हैं। पूर्व में भाजपा के ओबीसी सम्मेलनों के दौरान भी सांसदों ने पार्टी के मंच से खुलेआम सरकार और संगठन पर उनकी जाति की उपेक्षा के आरोप लगाए थे।