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बदहाल गांव 'जयापुर' की तस्वीर बदलेंगे पीएम मोदी

Fri, 07 Nov 2014 11:35 AM IST
रोहित चतुर्वेदी/अमर उजाला, वाराणसी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के जिस जयापुर गांव को ‘आदर्श गांव’ बनाना चाहते हैं उस गांव की मौजूदा तस्वीर बेहद निराश करने वाली है। लगभग 4200 की आबादी वाले इस गांव में न तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और न ही शौचालय। स्कूल के नाम पर महज एक प्राथमिक पाठशाला है।
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चार किलोमीटर के दायरे में फैले गांव के 80 फीसदी लोग साक्षर हैं। बावजूद इसके नागरिक सुविधाओं की हालत यहां खस्ता है। बिजली, पीने के लिए साफ पानी, नाली, संपर्क मार्ग कुछ भी नहीं है इस गांव में। जो थोड़ी-बहुत सुविधाएं हैं भी तो चंद लोगों के निजी प्रयास से और उन्हीं के लिए हैं।

आराजीलाइन ब्लाक के इस गांव की प्रधान हैं दुर्गावती देवी। यह उनका दूसरा कार्यकाल है। हालांकि प्रधानी का सारा कामकाज उनके देवर श्रीनारायण पटेल ही संभालते हैं।
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कुर्मी बहुल इस गांव में परिवहन की भी कोई सुविधा नहीं है। खेत की सिंचाई के लिए लोग निजी संसाधनों से पानी का जुगाड़ करते हैं। यहां एक भी सरकारी नलकूप नहीं है।
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यह हाल है जयापुर का

गांव की बीपीएल सूची का हाल तो सबसे बुरा है। साल 2002 के बाद से यहां बीपीएल सूची बनाई ही नहीं गई। इस वजह से तमाम पात्र ग्रामीण भी बीपीएल परिवारों को मिलने वाले लाभ से वंचित हैं। गांव में न तो एक भी इंदिरा आवास है और न ही खेल का कोई मैदान।

दस फीसदी घरों में ही शौचालय है। शेष 90 फीसदी लोग आज भी शौच के लिए खेतों में जाते हैं। गांव का इतिहास चार सौ साल पुराना है। इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां होने वाली गन्ने की बढ़िया पैदावार है। यहां साल में दो बार गन्ना पैदा होता है।

जयापुर के लोगों से मुखातिब होंगे पीएम
पीएम मोदी शुक्रवार यानी सात नवंबर को दोपहर 11:50 बजे हेलीकाप्टर से जयापुर पहुंचेंगे। यहां वह एक घंटे रुकेंगे। इस दौरान आदर्श ग्राम योजना के तहत जयापुर गांव को गोद लेने का ऐलान करने के साथ ही आसपास के गांव से आए लोगों को संबोधित भी करेंगे।

पीएम की अगवानी के लिए जयापुर सज-धजकर तैयार है। गांव की ही दो छात्राओं ने पीएम के स्वागत में गीत तैयार किया है। गुरुवार को देर शाम तक गांव में पुलिस और प्रशासनिक अमला डटा रहा। भाजपा नेताओं की टोली भी अपनी जिम्मेदारियों को अमलीजामा पहनाने में व्यस्त रही।
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