सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने पहले 54,335.63 करोड़ के 64 प्रोजेक्ट के शिलान्यास की योजना बनाई थी। बाद में इसे बढ़ाकर 74 प्रोजेक्ट और 56,864.3 करोड़ का किया गया। मगर, मुख्यमंत्री ने जब समीक्षा की तो उन्होंने 60 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट शामिल करने के निर्देश दिए। यह राशि उनके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल से अधिक है।
बताया जाता है कि जब अधिकारियों ने आंकड़ों का मिलान किया तो मुख्यमंत्री की रणनीति समझ में आई। इसके बाद 60,228.24 करोड़ के 81 निवेश प्रोजेक्ट शिलान्यास के लिए तय किए गए।
कार्यकाल पूरा होने से पहले तैयार हो जाएंगे प्रोजेक्ट
जानकार बताते हैं कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास मोदी कर रहे हैं उनमें ज्यादातर एक दो वर्ष में पूरे हो जाएंगे। कुछ में तीन साल से अधिक का समय लगेगा लेकिन, वे भी योगी सरकार का कार्यकाल पूरा होते-होते चालू हो जाएंगे। योगी इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर सकते हैं। इस वर्ष की समाप्ति से पहले सरकार इन्वेस्टर्स समिट में किए गए एमओयू से जुड़े निवेश प्रोजेक्ट का कम से कम दो शिलान्यास समारोह और आयोजित करना चाहती है।
पिछली सरकारों में निवेश को लेकर मुख्य फोकस आखिरी वर्षों में दिखता था, जबकि योगी सरकार ने पहले साल से ही इसे अपने एजेंडे में रखा। उद्योग बंधु के आंकड़ों की मानें तो अखिलेश यादव के पांच वर्ष में सर्वाधिक निवेश आखिरी वर्ष 2016-17 में 15,382.17 करोड़ हुआ। इसी तरह बसपा सरकार में पांच वर्ष का लगभग आधा निवेश आखिरी वित्त वर्ष 2011-12 में दर्ज है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले प्रदेश के 24 जिलों को एक साथ कवर करने वाली अलग-अलग निवेश परियोजनाओं का शुभारंभ कभी नहीं किया गया। 21 और 22 फरवरी के इन्वेस्टर्स समिट से प्रदेश में निवेश की जो उम्मीद बंधी थी, छह महीने से भी कम समय में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आ रही है।
- ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में 92.87 प्रतिशत नंबर केसाथ पिछले वर्ष की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन
- इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली माहौल के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम। यह सुविधा देने वाले देश के टॉप 5 राज्यों में यूपी शामिल।
- कर प्रक्रिया के सरलीकरण और औद्योगीकरण के लिए भूमि उपलब्धता व आवंटन में टॉप-5 राज्यों में शामिल।
- ऑनलाइन यूटिलिटी परमिट और उद्योगों को सरल व सहज पर्यावरण क्लीयरेंस देने वाले पांच शीर्ष राज्यों में शामिल।
- प्रोजेक्ट लगाने पर नीतियों के अनुसार प्रतिपूर्ति केलिए बजट में प्रावधान।
- पिछली सरकार में निवेश करने वाले उद्यमियों को सुविधाएं व वित्तीय प्रतिपूर्ति जारी रखना।