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विकास के रथ से कांग्रेसी किले पर हमला बोलेंगे पीएम मोदी

Sun, 16 Dec 2018 01:10 AM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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नरेंद्र मोदी-राहुल गांधी - फोटो : Facebook
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कांग्रेस की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को पहली बार यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंच रहे हैं। अभी तक अमेठी में राहुल गांधी की ही घेरेबंदी में जुटी भाजपा ने अब राफेल पर राहुल गांधी के तल्ख तेवरों के बाद सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली में भी घेराबंदी बढ़ाने पर काम शुरू कर दिया है।

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इसके लिए पीएम मोदी विकास के रथ पर सवार होकर सोनिया के किले पर हमला बोलने की तैयारी में हैं। वह यहां विकास की कई परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए इस कांग्रेसी किले से मिशन 2019 के लिए चुनावी शंखनाद करेंगे। मोदी ने अपने सहयोगी केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली को पहले ही रायबरेली में सक्रिय कर दिया है।

साफ है कि मोदी के इस दौरे के साथ भाजपा अमेठी के साथ-साथ रायबरेली संसदीय क्षेत्र में भी सियासी घेरा मजबूत करेगी। उसकी कोशिश गांधी परिवार की इस परंपरागत सीट को फतहकर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की पराजय का झटका कम करने की होगी।
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लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग तेज होती जा रही है। राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी और भाजपा पर हमलावर हैं। कांग्रेस को माकूल जवाब देने के लिए मोदी ने अब सोनिया के गढ़ को चुना है।

माना जा रहा है कि मोदी रविवार को वीवीआईपी संसदीय क्षेत्रों में शुमार रायबरेली और अमेठी की बदहाल तस्वीर को रेखांकित करते हुए विकास के एजेंडे के सहारे सियासी जंग को धार देंगे। भाजपा की कोशिश आगामी लोकसभा चुनाव में इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के सामने कड़ी चुनौती खड़ी करने की है और इसके लिए वह विकास को मुद्दा बनाने जा रही है।

कुछ समय से ये दोनों सीटें भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर हैं। यह बात दीगर है कि भाजपा स्मृति ईरानी के माध्यम से बीते साढ़े चार में जितना अमेठी में सक्रिय दिखी , उतनी रायबरेली संसदीय क्षेत्र में नहीं। पर, लगता है कि भाजपा ने अब रायबरेली पर भी फोकस करने का फैसला कर लिया है। इसीलिए पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी ने रायबरेली में भले ही कोई चुनावी सभा नहीं की थी लेकिन इस बार उन्होंने चुनावी बिगुल फूंकने के लिए रायबरेली को ही चुना है।

इसके जरिये वह कांग्रेस के साथ आरपार की सियासी लड़ाई लड़ने का संदेश देंगे। इसके लिए मोदी ने विकास को मुद्दा चुना है। मोदी, रायबरेली को 1100 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात देने के बहाने गांधी परिवार को न सिर्फ कठघरे में खड़ा करेंगे बल्कि लोगों को बताएंगे कि वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद रायबरेली-अमेठी को विकास के नाम पर कुछ हासिल नहीं हुआ। जिस तरह से इन क्षेत्रों का विकास होना चाहिए था नहीं हुआ। लोगों को रोजगार नहीं मिला। सोनिया व राहुल ने जो वादे किए थे वे पूरे नहीं हुए।

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कांग्रेसी दिग्गजों की घेरेबंदी कर सियासी समीकरण साधने की कोशिश

मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में सत्ता छिनने के बाद भाजपा अब कांग्रेसी दिग्गजों की उनके ही गढ़ों में घेरेबंदी करके 2019 के सियासी समीकरणों को दुरुस्त करने की मुहिम में जुटी है। इसी लिहाज से प्रदेश में सोनिया व राहुल के खिलाफ अभियान तेज करने की रणनीति बनाई गई है। मोदी का रायबरेली दौरा इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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