दरअसल, रामलला के भव्य मंदिर के साथ 20 हजार करोड़ रुपये से अयोध्या को भी भव्यता देने का खाका तैयार हो गया है। अयोध्या की आध्यात्मिक आभा को चमकाने के साथ-साथ न सिर्फ रामनगरी को आधुनिक पर्यटन सिटी के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है, बल्कि रोजगार व नौकरियों से भी रामनगरी लैस होगी।
वैदिक सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित
अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लाई जा रही हैं। यहां प्रवेश करते ही रामजन्मभूमि आने का एहसास हो इसके लिए भी कई बड़ी योजनाओं को क्रियान्यिवत करने की तैयारी है। इसी के तहत अयोध्या को वैदिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें तीर्थ नगरी अयोध्या, हेरिटेज सिटी, सौर सिटी, समरस अयोध्या, स्मार्ट अयोध्या के विभिन्न-विभिन्न रूप दिखाई देंगे।