लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में 29 साल पहले 90 हजार रुपये जमा करने के बावजूद भूखंड न मिलने का मामला सामने आया है। पीड़िता नीलू वर्मा का आरोप है कि दो कर्मचारियों ने मिलीभगत कर उनकी जमा रकम का लाभ दूसरों को पहुंचा दिया गया। संबंधित भूखंड की नीलामी की आशंका के बीच उन्होंने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। आयोग ने एलडीए सचिव को 30 अक्तूबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
नीलू वर्मा के मुताबिक उन्होंने वर्ष 1997 में प्लॉट के लिए तीन किस्त में कुल 90 हजार रुपये जमा किए थे। हालांकि, अब तक उन्हें जमीन नहीं मिली। शिकायत के अनुसार एलडीए ने गोमतीनगर विस्तार समेत अन्य स्थानों पर आवासीय भूखंडों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की है। पीड़िता को आशंका है कि मामले का निस्तारण होने से पहले संबंधित भूखंड की नीलामी हो गई तो उन्हें न्याय मिलने में परेशानी होगी।
मानवाधिकार आयोग ने 16 सितंबर को एलडीए उपाध्यक्ष को संबंधित अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर पक्ष रखने का निर्देश दिया था। हालांकि, नौ अक्तूबर को हुई सुनवाई में जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर आयोग ने नाराजगी जताई और 30 की दोपहर 12:30 बजे एलडीए सचिव को उपस्थित होने का आदेश दिया है।