शहरों के लिए अब मास्टर प्लान तैयार करते समय जनता की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मास्टर प्लान में पहले से ही चिह्नित कर दिया जाएगा कि स्कूल, अस्पताल, मार्केट और औद्योगिक क्षेत्र कहां होगा।
यही नहीं मिक्सड लैंड यूज का इस्तेमाल कहां किया जा सकेगा इसे भी पहले से ही चिह्नित कर दिया जाएगा। आवास विभाग ने इस संबंध में जल्द ही विकास प्राधिकरणों व विशेष विकास क्षेत्रों को दिशा-निर्देश भेजेगा।
प्रदेश में मौजूदा समय 32 विकास प्राधिकरण और एक आवास विकास परिषद है। विकास प्राधिकरणों में पांच सोनभद्र, मिर्जापुर, कुशीनगर, शक्तिनगर व कपिलवस्तु को विशेष विकास क्षेत्र का दर्जा प्राप्त है।
विकास प्राधिकरण अपना-अपना मास्टर प्लान तैयार करते हैं। प्रदेश में इस समय 2021 का मास्टर प्लान लागू है।
मास्टर प्लान वर्ष 2021 की आबादी के आधार पर तैयार किए जा रहे हैं।