उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से आयोजित की जाने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है।
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान इस बार उनके अंगूठे के निशान से की जाएगी। ओएमआर में छेड़छाड़ न हो इसके लिए अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा देने के बाद ओएमआर में यह सूचना भी दर्ज करनी होगी कि उन्होंने कितने प्रश्न हल किए हैं।
शिक्षक भर्ती परीक्षा 25 जनवरी, एक फरवरी, आठ फरवरी, 15 फरवरी और 22 फरवरी को आयोजित की जाएगी। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने प्रदेश के आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद के मंडलायुक्तों, इन सभी 11 मंडल मुख्यालयों के जिलाधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र जारी कर परीक्षा को शुचिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश जारी किए हैं।
परीक्षा के आयोजन का पूरा उत्तर दायित्व जिलाधिकारी को दिया गया है। प्रमुख सचिव ने यह भी कहा है कि प्रश्नपत्र ट्रेजरी के डबल लॉक में रखे जाएंगे और केंद्र व्यवस्थापक उन्हें दो कक्ष निरीक्षकों एवं केंद्र में तैनात पर्यवेक्षक की उपस्थिति में ही खोलेंगे।