एसएसबी 62वीं वाहिनी के सेनानायक सीएस तोमर का कहना है कि दोनों देशों के उच्च अधिकारियों की देखरेख में क्षतिग्रस्त व गायब पिलर का सर्वे किया गया है। ये काम सर्वे ऑफ इंडिया व नेपाल की संयुक्त टीम ने किया है। मामला भारत सरकार स्तर पर है। गृह मंत्रालय को ही इस पर कुछ करना है।
श्रावस्ती जिले में नोमेंस लैंड पर स्थित पिलर संख्या 645/1 व सब पिलर संख्या 643/1, 943/2, 644, 544/1, 644/2, 645 राप्ती की धारा में बह गए। पिलर संख्या 610, 611, 612, 613, 614, 618, 625, 628, 636, 642, 628/2, 636/7, 636/14 का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। ये पिलर श्रीनगर, सागर गांव, कोदिया, भउआ नाका, सोनपथरी, बंकी, बनकटवा, बनकटी, गुज्जरगौरी, हकीमपुर, जमुनहा और रनियापुर गांव के पास है। इन पिलरों के नष्ट होने के बाद सीमा का निर्धारण नहीं हो पा रहा है।