हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के इस फैसले से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
बेंच ने वाड्रा के खिलाफ कथित अनियमितताओं की जांच कराए जाने के आग्रह वाली नई जनहित याचिका (पीआईएल) को इसी मामले में पहले दायर की गई अन्य याचिका के साथ संबद्ध् कर 19 अगस्त को पेश किए जाने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने यह आदेश एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्त्री की पीआईएल पर बुधवार को दिया।
गौरतलब है कि वाड्रा रियल एस्टेट की एक इंटरनेशनल कंपनी डीएलएफ की एक लैंड डील के बड़े फर्जीवाड़े में फंसे हुए हैं। हरियाणा में पोस्टेड वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका ने इस मामले का खुलासा करके पूरे देश में सनसनी फैला दी थी।
काफी दिनों से ठंडे बस्ते में रहा ये मामला एक बार फिर से बाहर निकल आया है। इससे न सिर्फ कांग्रेस की किरकिरी हो रही है, बल्कि पूरे गांधी परिवार की साख को बट्टा लगा है।