अभिव्यक्ति के लिये किसी विशेष माध्यम की जरूरत नहीं होती, वह कोई भी माध्यम हो सकता है।
इसी धारणा को प्रस्तुत करने के लिये दिनांक 21 नवम्बर 2013 को ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र, अलीगंज के कला विधिका में डॉ. सुनीता गुप्ता अपनी एकल चित्र प्रदर्शनी लगा रही हैं।
यह प्रदर्शनी 27 नवम्बर तक कला प्रेमियो के लिये खुली रहेगी। डॉ. सुनीता गुप्ता उत्तराखण्ड (नैनीताल) कोटाबाग के गवर्नमेन्ट डिग्री कालेज में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत है।
लगभग 40 वर्षों से कला के क्षेत्र में कार्य कर रही है इस दौरान इन्होने अनेक एकल व सामूहिक चित्र प्रदर्शनियों का आयोजन किया है। लखनऊ में इनकी पहली बार एकल प्रदर्शनी हो रही है। इस प्रदर्शनी में 60 चित्रो को प्रदर्शित किया जायेगा।
डॉ. गुप्ता ने अपने चित्रो में प्रकृति पर मानवीय स्तर पर हो रहे तमाम घटनाओं को अपने कैनवास पर दर्शाने की कोशिश की है। इसके प्रति समाज को सजा होने के लिये एक संदेश भी दे रही है।