साइबर लाइब्रेरी के लिए शोधार्थियों को देनी होगी फीस
सभी छात्र और शिक्षकों की लॉगइन बनाने के लिए विभागाध्यक्षों से मांगा गया ब्योरा
यूजी और पीजी के छात्रों से पिछले साल से ही ली जा रही है फीस
लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी नवनिर्मित साइबर लाइब्रेरी के लिए लॉगइन बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को निर्धारित प्रारूप पर उनके यहां के सभी शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थियों का ब्योरा देने को कहा गया है। शोधार्थियों को इसके लिए 75 रुपये फीस भी जमा करनी होगी। लॉगइन बनने के बाद विद्यार्थी घर बैठे अपने मोबाइल से भी इसमें उपलब्ध ई-कंटेंट का लाभ उठा सकेेंगे।
लविवि के टैगोर पुस्तकालय भवन के ठीक बगल में इसका भवन बनकर तैयार हो चुका है। 1.83 करोड़ रुपये लागत से बने इस पुस्तकालय के लिए लविवि ने पिछले साल एक करोड़ रुपये और इस साल डेढ़ करोड़ रुपये का ई-कंटेंट खरीदा है। इसका लाभ देने के लिए यहां पांच सौ कंप्यूटर भी लगाए गए हैं। परिसर के अलावा घर बैठकर भी विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें इसके लिए लॉगइन आईडी बनाई जानी है। टैगोर पुस्तकालय के मानद पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. नवीन खरे ने इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजा है। इसमें उन्हें विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थियों का ब्योरा देने को कहा गया है। स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों से ई-लाइब्रेरी की फीस पिछले साल से ही लेनी शुरू कर दी गई थी। शोधार्थियों से इसकी फीस नहीं जमा कराई गई थी। इसलिए पुस्तकालयाध्यक्ष ने शोधार्थियों को 75 रुपये की रसीद के साथ लॉगइन बनाने के लिए आवेदन करने को कहा गया है।
न्यू कैंपस में भी स्थापित होनी है ई-लाइब्रेरी
लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर में फिलहाल कोई केंद्रीय पुस्तकालय नहीं है। इसलिए अब विवि प्रशासन नवीन परिसर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना करने जा रहा है। इस लाइब्रेरी से नवीन परिसर के सभी विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए डीन स्तर पर भी कई बैठकें हो चुकी हैं। वहां पर नये के बजाय पुराने भवन में ही इसकी शुरुआत होनी है।
जल्द होगी शुरुआत
सायबर लाइब्रेरी का भवन बनकर तैयार है। जल्द ही इसकी शुरुआत होनी है। इसकी लॉगइन बनाने के लिए सभी विभागाध्यक्षों से ब्योरा देने को कहा गया है।
- प्रो. नवीन खरे,
मानद पुस्कालयाध्यक्ष, लविवि