फार्मासिस्ट, एलटी एसोसिएशन के कर्मचारी हड़ताल खत्म करके काम पर वापस लौट गए हैं। स्वास्थ्य राज्यमंत्री एसपी यादव ने उन्हें मांगे मानने का भरोसा दिलाया तब जाकर हड़ताल खत्म हुई।
बता दें कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लखनऊ शहर के 25 सरकारी अस्पतालों (बीएमसी-सीएचसी शामिल) में करीब 25 हजार मरीजों को बिना जांच और दवा के लौटना पड़ा था।
वहीं 184 ऑपरेशन टालने पड़े थे। मंगलवार सुबह आठ बजे से ही नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य विभागों के टेक्नीशियन अस्पतालों में इकट्ठा हुए। काम बंद रखा और नारेबाजी शुरू कर दी।
हड़ताल से बेहाल हुए मरीज
बेहाल मरीज
- फोटो : amar ujala
हड़ताल के चलते मरीजों को जांचों के लिए दर-दर भटकना पड़ा था। समय से जांच न हो पाने और इलाज न मिलने से पांच लोगों जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
कई जगह तो मरीज-तीमारदार इलाज न मिलने से गुस्सा गए और कर्मचारियों से भिड़ गए इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
वेतन विसंगतियों, पदोन्नति, मानक निर्धारण, उच्च पदों का सृजन, पदों का पुनर्गठन, ट्रॉमा सेंटरों में पद सृजन, पुरानी पेंशन बहाली सहित कई मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन चल रहा था।
शासन का इस ओर ध्यान न जाने पर मंगलवार को कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन घोषणा कर दी। आखिरकार बुधवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर लौटे।