संजय गांधी पीजीआई में आयोजित हुई कार्यशाला
संजय गांधी पीजीआई में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. एके जैसवाल के मुताबिक सिर में चोट लगने की स्थिति में मस्तिष्क में सूजन की स्थिति का आकलन बहुत जरूरी है। विभागाध्यक्ष रविवार को संस्थान में हुई इंट्राक्रैनियल प्रेशर मॉनिटरिंग पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख प्रो.अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मरीजों की सेहत के लिए इंट्राक्रैनियल प्रेशर मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलती है। इंट्राक्रैनियल प्रेशर मॉनिटरिंग सिर की चोट, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर या मस्तिष्क की अन्य समस्याओं के कारण होने वाली सूजन का पता लगाने के लिए की जाती है। सूजन की वजह से सिर के अंदर दबाव बढ़ने से मस्तिष्क को नुकसान हो सकता है। इस प्रक्रिया में, खोपड़ी के अंदर एक छोटा सेंसर या कैथेटर डाला जाता है जो दबाव की निरंतर रीडिंग करता रहता है। इस मौके पर डॉ. रथजीत मित्रा, डॉ. सौमिल जैसवाल, डॉ. अंकुर बजाज, डॉ. संगम यादव और डॉ. दिशा रानी, डॉ. पवन कुमार वर्मा और डॉ. सौमेन कांजीलाल मौजूद रहे।