लखनऊ। एसजीपीजीआई में निदेशक के रूप में प्रो. आरके धीमन की दोबारा तैनाती शिक्षकों के एक बड़े वर्ग को रास नहीं आ रही है। फैकल्टी फोरम ने पीजीआई के एक्ट में बदलाव और निदेशक की दोबारा तैनाती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फोरम ने 80 डॉक्टरों के हस्ताक्षर के साथ विरोध पत्र जारी किया है।
फैकल्टी फोरम के मुताबिक एसजीपीजीआई दिल्ली एम्स की तर्ज पर काम करता है। वहां निदेशक के रिटायर होने की उम्र 65 वर्ष है। एसजीपीजीआई के एक्ट में बदलाव करके इस आयु के बाद भी निदेशक पद पर बने रहने का रास्ता खोला गया है। अधिनियम में बदलाव के लिए प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। इसे संस्थान निकाय/शासी निकाय के सामने रखा जाना चाहिए। युवा डॉक्टरों का संस्थान से मोहभंग होगा। डॉक्टरों ने आंदोलन करने की बात कही है।