पीएफ घोटाले के विरोध में बिजलीकर्मियों ने 28 नवंबर से अनिश्चिकालीन कार्य बहिष्कार का एलान किया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र की कोर कमेटी की बुधवार को यहां हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। संघर्ष समिति ने तय किया है कि राज्य सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए सभी बिजली निगमों के बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता 28 नवंबर को सुबह आठ बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर देगें।
कार्य बहिष्कार के पहले 27 नवंबर की शाम को राजधानी लखनऊ सहित सभी परियोजना व जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा। 21 नवंबर से रोजाना अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक लखनऊ के शक्ति भवन समेत सभी परियोजनाओं तथा जिला मुख्यालयों पर विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।
'सरकार को लेनी होगी जिम्मेदारी'
संघर्ष समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डीएचएफएल के निदेशक मंडल को भंग कर प्रशासक नियुक्त किए जाने का हवाला देते हुए कहा है कि इसके बाद अब सरकार के सामने कर्मचारियों के पीएफ भुगतान की जिम्मेदारी लेकर नोटिफिकेशन जारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है।
संघर्ष समिति की बैठक में बिजली कर्मचारियों की वृहद एकता बनाते हुए राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के महासचिव जय प्रकाश, जी. बी. पटेल और वारिंदर शर्मा मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। संघर्ष समिति में विद्युत कार्यालय सहायक संघ एवं विद्युत परिषद आशुलेखक संघ भी शामिल हो गया है।
संघर्ष समिति ने निर्णय किया है कि 28 नवंबर से प्रारंभ होने वाले कार्य बहिष्कार से बड़े उत्पादन गृहों, 400 केवी ट्रांसमिशन और सिस्टम ऑपरेशन (कंट्रोल रूम) की शिफ्ट में कार्यरत कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियंताओं को अलग रखा जाएगा जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह फेल न होने पाए और आम जनता को कठिनाई न हो।
...तो होगा जेल भरो आंदोलन
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण आंदोलन के कारण किसी भी कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर या अभियंता का उत्पीड़न किया गया या गिरफ्तारी की गई तो बिना और कोई नोटिस दिए सभी बिजली निगमों के तमाम कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर व अभियंता अनिश्चित कालीन हड़ताल और जेल भरो आंदोलन प्रारंभ करने को बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
पीएम मोदी ने नाम सौंपा ज्ञापन
संघर्ष समिति ने बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मिलकर उन्हें पीएफ घोटाले पर एक ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति ने भाजपा अध्यक्ष से मांग की कि वे प्रदेश सरकार से पीएफ के भुगतान के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कराएं। संघर्ष समिति के शैलेंद्र दुबे, ए.के. सिंह, पवन श्रीवास्तव और पी. एन. तिवारी ने स्वतंत्र देव से मिलकर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
साथ ही संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में भी एक ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति की बैठक में राजीव सिंह, जय प्रकाश, गिरीश पांडेय, सदरूद्दीन राणा, सुहेल आबिद, विनय शुक्ला, शशिकांत श्रीवास्तव, डीके मिश्रा, सुनील प्रकाश पाल, राम प्रकाश, महेंद्र राय समेत अन्य नेता मौजूद थे।