प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि प्रदेश में नई और पुरानी पेंशन स्कीम का पैसा किन कंपनियों में लगाया गया है, उसको लेकर योगी सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
लल्लू ने पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों के पीएफ का पैसा डीएचएफएल जैसी डिफॉल्टर कंपनियों में लगाए जाने के मामले में एक बार फिर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की बर्खास्तगी की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को दूसरी तरफ मोड़ने के ऊर्जा मंत्री की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
लल्लू ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के कार्यकाल में ही यह घोटाला हुआ है। बताया जाना चाहिए कि इतने बड़े निवेश के लिए कौन सी टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई।
टेंडर प्रस्ताव की शर्तें क्या थीं? क्या इंटरनेशनल कॉम्पीटिटिव बिडिंग कराई गई? या बंद कमरे में तीन प्रस्ताव लेकर ही टेंडर दे दिया गया। सभी प्रस्ताव देने वाली कंपनियों के ऑफर क्या थे? पीएफ निवेश की गाइडलाइंस का पालन किया गया या नहीं।
सरकार उन सभी कंपनियों की सूची जारी करे, जहां पर विभिन्न विभागों के पैसे का निवेश किया गया है। पीएफ निवेश को लेकर सीवीसी और वित्त विभाग की गाइडलाइंस का अनुपालन किया गया या नहीं, यह भी स्पष्ट किया जाए।
क्या निवेश बगैर वित्त विभाग के अनुमोदन के संभव है? क्या वित्त विभाग से सलाह ली गई। लल्लू ने कहा कि इन सभी बिंदुओं पर सरकार को जवाब देना चाहिए, जिससे प्रदेश की आम जनता और बिजली कर्मियों को हकीकत का पता चल सके।