हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण के दौरान राष्ट्रगान रुकवाने के मामले में दायर याचिका को असंवैधानिक व अनावश्यक मानते हुए इसका अंतिम रूप से निपटारा कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ व न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला की खंडपीठ ने राज्यपाल राम नाईक द्वारा राष्ट्रगान रुकवाए जाने से संबंधित याचिका की बुधवार को सुनवाई की।
जूनियर बार एसोसिएशन प्रतापगढ़ के पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार की ओर से दायर याचिका में राज्यपाल की प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर को विपक्ष बनाया गया था।
न्यायालय ने याची को छूट दी है कि वह चाहे तो राष्ट्रगान के गायन आदि के संबंध में दिशा-निर्देश तय करने के लिए राज्य सरकार को अपना प्रत्यावेदन दे सकता है।