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यूपी के इस मेडिकल यूनिवर्सिटी में मरीजों के खाने में मिला कीड़ा, सीएम दफ्तर ने लिया एक्शन

Sat, 17 Mar 2018 12:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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kgmu - फोटो : amar ujala
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केजीएमयू के पोस्ट ट्रॉमा वार्ड के मरीजों को दी जाने वाली लिक्विड डाइट में कीड़ा निकलने के बाद अफरातफरी मच गई। केजीएमयू प्रशासन ने मामला दबाए रखने की कोशिश की, लेकिन शुक्रवार को सीएम कार्यालय से इस मामले में रिपोर्ट तलब किए जाने पर हड़कंप मच गया।
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केजीएमयू में मरीजों को खाने की आपूर्ति का ठेका गुजरात की कंपनी को तीन साल पहले दिया गया था। करीब दो हजार मरीजों को खाने की सप्लाई कैंटीन से होती है। सभी आईसीयू व पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड के मरीजों के लिए भी तरल भोज्य पदार्थ भी कैंटीन से ही सप्लाई होता है।

तीन दिन पहले कैंटीन से आए तरल भोज्य पदार्थ को पोस्ट ट्रॉमा वार्ड के स्टाफ ने तरल भोज्य पदार्थ को छाना तो देखा उसमें कीड़े बिलबिला रहे हैं। शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की गई, पर कार्रवाई के बजाय मामले में चुप्पी साध गए अधिकारी। एक तीमारदार ने इसकी शिकायत सीएम कार्यालय में कर दी।
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पहले भी हुई शिकायत पर कार्रवाई नहीं

kgmu - फोटो : amar ujala
संचालक दिलीप जायसवाल का कहना है कि कीड़ा मिलने के मामले की जांच की जा रही है, जबकि केजीएमयू के सह प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि सीएम कार्यालय ने रिपोर्ट मांगी है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। दो महीने पहले भी केजीएमयू के डायटीशियन्स ने भी बेसन की रोटी में मिलावट की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इतनी मेहरबानी क्यों
केजीएमयू अफसर कैंटीन संचालक पर इस कदर मेहरबान है कि शताब्दी में कैंटीन संचालन संग उसे ट्रॉमा के पीछे 1905 कैंटीन संचालक का ठेका दे दिया गया। इससे पहले वहां चलने वाली कैंटीन को नोटिस जारी करके उसे दो दिन में खाली करा लिया गया। कुलसचिव राजेश राय का तर्क था कि फायर की आपत्ति बाद उसे रोटी बनाने के लिए 1905 में जगह दी गई।
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