अध्यादेश लाकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की लगातार उठ रहीं मांग को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड खासा गंभीर है। राजधानी के नदवा कालेज में16 दिसंबर को होने जा रही बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में सरकार की ओर से अध्यादेश लाये जाने पर बोर्ड को क्या करना है इस पर रणनीति बनेगी। मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा, मंहगी शादियों और बेटियों को दहेज की जगह जायदाद में हिस्सेदारी को अमल में लाने पर भी बोर्ड की बैठक में गौर किया जाएगा।
देश के कई हिस्सों में चुनावी माहौल और 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच लगातार राम मंदिर के लिये भाजपा सरकार से अध्यादेश लाने की मांग को देखते हुये ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में 16 दिसंबर को राजधानी के दारुल उलूम नदवतुल उलमा में होने जा रही बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
बाबरी मस्जिद मामले की सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई के बीच राम मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश की मांग को मुसलमानों के धार्मिक व सामाजिक मामलों के सर्वोच्च संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कानून और न्यायालय के खिलाफ मान रहा है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी ने बताया कि पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक में सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद की चल रही सुनवाई की समीक्षा करने के साथ आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बैठक में मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी के अलावा उपाध्यक्ष मौलाना फखरुददीन अशरफ किछौछवी, मौलाना कल्बे सादिक, महासचिव मौलाना वली रहमानी, सचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह, प्रवक्ता मौलाना खलीलुर्रहमान सज्जाद नोमानी, असदउददीन उवैसी, मौलाना अब्दुर्रहीम मुजदददिदी, महिला विंग की संयोजक डा. असमा जेहरा सहित सभी 51 कार्यकारिणी सदस्यों के शामिल होने की उम्मीद है।