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साक्षी महाराज के बयान पर बरस पड़े मुस्लिम नेता!

Mon, 15 Sep 2014 11:51 AM IST
सैफ हैदर नकवी/अमर उजाला, लखनऊ
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लव जेहाद पर उठे विवादों के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तफ्हीम-ए-शरीयत कमेटी ने रविवार को लव जेहाद को गैर इस्लामी करार दिया। कमेटी ने साफ किया कि लव जेहाद सियासी उपज है।
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मीडिया से इसे तूल न दिए जाने की भी कमेटी ने गुजारिश की। इस मौके पर उलमा साक्षी महाराज के मदरसों से जुड़े बयान पर करारा हमला किया।

उलमा ने कहा- मदरसों में दहशतगर्द नहीं बल्कि प्रेम और भाईचारा पनप रहा है समाज को जोड़ने का काम किया जा रहा है यहां राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया जाता है।

यह था साक्षी महाराज का बयान

साक्षी महाराज ने बयान दिया था कि मदरसों में आतंकवाद और लव जेहाद की शिक्षा दी जाती है। हम चाहते हैं कि मदरसों से इस्लामीकरण, लव जेहाद की बात न हो। उन्हें आधुनिक शिक्षा दी जाए ताकि मुसलमानों का भी भला हो।

उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने नादेमऊ में आयोजित जनसभा के बाद पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि मदरसों में राष्ट्रीयता की शिक्षा नहीं दी जाती है।

उन्होंने सवाल किया, "क्या एक भी मदरसा ऐसा है जहां 15 अगस्त या 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाता हो? राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय गीत गाया जाता हो? मदरसों में तो हरे झंडे लहराए जाते हैं।"

साक्षी महाराज ने मदरसों को सरकारी सहायता दिए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "हिंदुओं के स्कूलों को सरकारी सहायता नहीं मिलती। जबकि राष्ट्रीयता से सरोकार नहीं रखने वाले मदरसों को सरकारी सहायता दी जाती है।"

जेहाद का मतलब समाज को बेहतर बनाना

ऐशबाग ईदगाह में रविवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तफ्हीम-ए-शरीयत कमेटी के सेमिनार में ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस्लाम में जेहाद का मतलब जद्दोजहद करने, अपनी जिंदगी व समाज को बेहतर बनाने से है।

लव जेहाद के नाम पर ‘जेहाद’ शब्द के पवित्र मतलब को बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

अपर महाधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने भी कहा कि कि लव जेहाद सियासी उपज है, इसको मीडिया तूल न दे।
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कर रहे इतिहास से अनजान बनने की कोशिश

अपर महाधिवक्ता जफरयाब जीलानी ने साक्षी महाराज के बयान पर कहा कि वे देश के इतिहास से अनजान बनने की कोशिश कर रहे हैं जबकि उन्हें इतिहास अच्छे से मालूम है।

उन्हें यह भी अच्छे से मालूम है कि मदरसों का देश की आजादी में क्या योगदान रहा है। इसे भुलाया नहीं जा सकता। मदरसों में राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया जाता है।

15 अगस्त, 26 जनवरी ही क्यों, मदरसों में हमेशा के देश के राष्ट्रीय ध्वज व राष्ट्रीय गीत का आदर किया जाता है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि मदरसों में आतंकवाद नहीं, प्रेम व भाईचारा पनपता है।

इसे कोई मदरसों में आकर और देखकर ही समझ सकता है। बयानबाजी करके साक्षी महाराज मदरसों को बदनाम न करें।
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