केस 1: अलीगंज निवासी नेहा सिंह इंजीनियर हैं। होली पर उन्हें मुजफ्फरपुर जाना था। लिहाजा उन्होंने गत दिसम्बर में ही 19269 पोरबंदर मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस से एसी बोगी में 18 मार्च का टिकट करवा लिया। कन्फर्म सीट भी मिल गई। पर, ट्रेन का कैंसिलेशन 29 मार्च तक बढ़ा दिया गया है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।
केस 2: विश्वासखंड के नवेद मूलरूप से बरौनी के रहने वाले हैं। होली की छुट्टियां के चलते उन्होंने घर जाने के लिए गाड़ी संख्या 14524 अंबाला बरौनी जंक्शन एक्सप्रेस से टिकट करवाया था। चूंकि, यह ट्रेन 15 फरवरी तक निरस्त थी, इसलिए जब उन्होंने 20 मार्च का टिकट करवाया तो सीट भी कन्फर्म मिल गई। शुक्रवार को ट्रेन का कैंसिलेशन बढ़ा देने से यात्रा पर संकट आ गया है।
इंजीनियर नेहा सिंह व नवेद की ही तरह हजारों यात्री रेलवे की कारस्तानी से परेशान हो रहे हैं। कोहरे के नाम पर कैंसिल ट्रेनों का निरस्तीकरण रेलवे ने 31 मार्च तक बढ़ा दिया है, जिससे होली की छुट्टियों पर ट्रेन से आवागमन में समस्या खड़ी हो गई है।
कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों के होश उड़े हुए हैं। वैकल्पिक ट्रेनें हैं तो वेटिंग के चलते माथापच्ची करनी पड़ रही है। वहीं इस बीच टिकट दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
लंबी वेटिंग से बढ़ीं दिक्कतें
- फोटो : डेमो
रेलवे प्रशासन ने गत 12 दिसंबर को कोहरे को कारण बता दर्जनों ट्रेनें निरस्त की थीं। हालांकि, दिसंबर और जनवरी में कोहरा ही नहीं पड़ा, लेकिन ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को बहुत दिक्कत हुई। चूंकि ट्रेनों को 15 फरवरी तक निरस्त किया गया था, इसलिए यात्रियों ने होली को ध्यान में रखते हुए अपने टिकट करवा लिए और उन्हें कन्फर्म टिकट भी मिल गए।
15 फरवरी को यह निरस्तीकरण खत्म होने को था तो रेलवे प्रशासन ने फिर से कैंसिलेशन तिथि बढ़ा दी। यह निरस्तीकरण 31 मार्च तक कर दिया गया है। 20 मार्च को होली है, ऐसे में कन्फर्म टिकट न होने से हजारों यात्रियों के लिए मुसीबतें पैदा हो गई हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी पंजाब, जम्मू-कश्मीर, बिहार व उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाके के यात्रियों को हो रही हैं। यात्रियों के लिए परेशानी यह भी है कि अव्वल उनका टिकट कन्फर्म था, पर कैंसिलेशन से टिकट रद्द हो गया और रिफंड मिल गया। दूसरे, अब उनके लिए वैकल्पिक ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। लंबी वेटिंग से दिक्कतें बढ़ गई हैं।
बड़ा सवाल, कोहरा नहीं तो ट्रेनें निरस्त क्यों!
- फोटो : डेमो
उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने कोहरे के नाम पर जो ट्रेनें निरस्त की थीं, उसे लेकर यात्रियों में खासी नाराजगी है। दरअसल, यात्रियों का कहना है कि जब कोहरा पड़ ही नहीं रहा है तो ट्रेनों को कैंसिल क्यों किया गया। इतना ही नहीं इन ट्रेनों का निरस्तीकरण भी बढ़ा दिया गया। ऐसे में रेलवे की मंशा पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। हालांकि, कैंसिलेशन बढ़ाने के बाबत कोई भी रेलवे अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
...तो इसलिए बढ़ा दिया कैंसिलेशन
न तो पटरियों की मरम्मत हो रही है। न ही कोहरा पड़ रहा है और न ही ऐसी अन्य वजहें हैं, जिससे ट्रेनों का निरस्तीकरण बढ़ाया गया है। रेलवे अधिकारी खुलकर वजह पर बात नहीं करते, पर असल वजह यह है कि फरवरी-मार्च वित्तीय वर्ष का समापन है, लिहाजा राजस्व लक्ष्य को प्राप्प्त करने के लिए पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल कर मालगाड़ियों के संचालन को बढ़ाया जा रहा है। ताकि मालगाड़ियों की रफ्तार पर विराम न लगे और रेलवे की आय बढ़ सके।
दलाल सक्रिय, मुंहमांगे दाम पर बिकेंगे टिकट
- फोटो : डेमो
एक ओर ट्रेनों के कैंसिल होने से यात्रियों को असुविधाएं हो रही हैं। वहीं टिकट दलाल सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, आरपीएफ ने भी कमर कस ली है। छापेमारी कर दलालों पर अंकुश लगाने की योजना है। पर, कन्फर्म टिकट की चाहत में पैसेंजर हर बार इन दलालों के फेर में पड़ जाते हैं।
ये ट्रेनें कर दी गईं निरस्त
अमृतसर जयनगर एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन झांसी एक्सप्रेस (दोनों), लखनऊ जं. आगरा फोर्ट एक्सप्रेस (दोनों), लखनऊ जं. आनंद विहार डबलडेकर एक्सप्रेस (दोनों), कटिहार-अमृतसर, किशनगंज अजमेर एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन-मेरठ सिटी एक्सप्रेस (दोनों), अजमेर किशनगंज एक्सप्रेस दो अप्रैल तक निरस्त हैं। पोरबंदर मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस 29 मार्च तक, मुजफ्फरपुर पोरबंदर एक्सप्रेस पहली अप्रैल तक, कटिहार-दिल्ली एक्सप्रेस चंपारण हमसफर 28 मार्च तक, दिल्ली कटिहार एक्सप्रेस चम्पारण हमसफर 29 मार्च तक, बरौनी जंक्शन अंबाला एक्सप्रेस (दोनों) 28 मार्च तक, व जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस पहली अप्रैल तक, अमृतसर कटिहार एक्सप्रेस तीन अप्रैल तक निरस्त रहेंगी।