स्मार्ट सिटी योजना में रेट्रोफिटिंग यानी एरिया बेस्ड डवलपमेंट योजना के तहत चुने गए कैसरबाग और उससे सटे इलाके के लोगों को विशेष सुविधाओं के लिए स्मार्ट सिटी सेस चुकाना होगा। यह सेस हाउस टैक्स का 30 से 40 फीसदी होगा।
सेस की वसूली लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड’ कंपनी की स्पेशल परपज व्हीकल यानी एसपीवी करेगी। 16 अगस्त को कंपनी के गठन और एसपीवी को कम्पनी एक्ट के तहत मान्यता का प्रमाण पत्र भी जारी हो गया है।
इसके बाद अब एसपीवी नगर निगम सदन से मिले अधिकारों के तहत रेट्रोफिटिंग एरिया के निवासियों से सेस की वसूली कर सकेगी।
रेट्रोफिटिंग में कैसरबाग व उससे लगा इलाका शामिल किया गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत इस इलाके को इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के लिहाज से शहर का सबसे बेहतर इलाका बनाया जाएगा।
इस इलाके में बिजली, पानी, सड़क, सीवर, टेलीफोन, इंटरनेट और ट्रैफिक समेत अन्य सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
इनमें 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा दी जाएगी, हर घर में पानी का कनेक्शन होगा, मीटर भी लगाए जाएंगे। पूरे इलाके में सीवर सिस्टम और हर घर तक सीवर लाइन का कनेक्शन पहुंचाया जाएगा।
बिजली और टेलीफोन के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। ऐतिहासिक इमारतों को संरिक्षत करने के साथ ही अतिक्रमण हटाया जाएगा।
सड़क और चौराहों को बेहतर बनाने के साथ ही ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा। दुकानों व बाजारों को व्यवस्थित किया जाएगा। कुल मिलाकर एरिया बेस्ड डवलपमेंट के तहत चुने गए इलाकाें को मॅाडल के तौर पर विकसित किया जाएगा।