लखनऊ में जिन जरूरतमंदों के पास राशन कार्ड नहीं है, लॉकडाउन में उनका सर्वे कर कार्ड बनाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई थी। निगम कर्मियों ने हर वार्ड में सर्वे किया और फॉर्म भरवाए।
उनकी फीडिंग कंप्यूटर पर कराई, करीब चार हजार राशन कार्ड खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा डिजिटाइजेशन में देरी के कारण अटक गए हैं। खाद्य विभाग ने अब अपनी वेबसाइट भी बंद कर दी है। ऐसे में जिन लोगों ने फॉर्म भरे, उनके राशन कार्ड जारी नहीं हो रहे हैं।
पुराने लखनऊ में आने वाले जोन छह के वार्डों में 800 से ज्यादा राशन कार्ड नहीं बन पाए हैं। पार्षद राजकुमार सिंह राजा ने बताया कि रोज तमाम लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।