विवादित ढांचा विध्वंस की 25वीं बरसी इस मामले के मुख्य मुद्दई हाशिम अंसारी के बिन सूनी रहेगी। छह दिसंबर को मुख्य कार्यक्रम पहले कई दिनों से पांजीटोला स्थित उनके आवास पर मीडियाकर्मियों, विभिन्न दलों व संगठनों के लोगों के जमावड़े में इस वर्ष अयोध्या की आवाज को दूर तक पहुंचाने वाले हाशिम अंसारी की कमी महसूस की जा रही है।
वर्ष 1992 में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद वह इसके पुनर्निर्माण की लड़ाई इसी पांजीटोला स्थित पुश्तैनी आवास में रहकर अंतिम सांस लेने तक लड़ते रहे।
दरअसल, यहां होने वाले शौर्य व गम के इन्हीं आयोजनों के जरिये हाशिम अंसारी की आवाज केंद्र व राज्य सरकारों तक पहुंचती थी। यही वजह है कि हाशिम के एक बयान पर सपा सरकार के मंत्री व विधायक उन्हें मनाने व समझाते पहुंच जाते थे।