लखनऊ। वाटर वुमेन के नाम से मशहूर शिप्रा पाठक का 1090 चौराहे पर मंगलवार को भव्य स्वागत किया गया। वे 45 दिन की विदेश यात्रा के बाद भारत लौटी हैं। इंग्लैंड की संसद में शिप्रा ने सनातन संस्कृति और गोमती पर परिचर्चा की और वहां उनकी किताब महाकुंभ के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन भी किया गया। शिप्रा गोमती नदी के किनारे पदयात्रा कर चुकी हैं। स्वागत समारोह के दौरान शिप्रा पाठक ने कहा कि आदि गंगा गोमती का महत्व लखनऊ के लोगों को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर दायित्व सरकार का नहीं है, हम लोगों को भी प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि गोमती के किनारों पर अति प्राचीन शिवालय स्थापित हैं। जब मैंने इसकी चर्चा लंदन में की तो हर कोई यहां आने को उत्सुक दिखा। उन्होंने गोमती का पूजन किया। भक्तों ने आरती भी की। कार्यक्रम के बाद शिप्रा ने सिंदूर का पौधा भी रोपा। इस दौरान अमित सिंह, राजन मिश्रा, अंकुर सिंह, सुरेश गुप्ता, वंदना गुप्ता, महावीर गौर, अजय त्रिवेदी अनुभव वर्मा, इंद्र मिश्रा, कृष्ण शुक्ला ,पंकज दीक्षित, विशाल विक्रम सिंह, धीरेंद्र सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
पूजा अर्चना करती शिप्रा पाठक।
पूजा अर्चना करती शिप्रा पाठक।