सावन के तीसरे सोमवार पर शहर के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग सुबह से ही पूजन करने के लिए मंदिरों के बाहर कतारबद्घ होकर खड़े होने लगे।
आज 5 अगस्त को देश भर में नागपंचमी भी मनाई जा रही है। आचार्य प्रदीप शास्त्री के अनुसार, पिछले एक दशक से नागपंचमी और सोमवार एक साथ पड़ रहे हैं। दिन भर पंचमी का मान मिलेगा, मध्यान्ह में नाग पूजन करना उत्तम रहेगा।
घर के मुख्य द्वार पर दोनों ओर गोबर-गौ दुग्ध से तक्षक नाग की सर्पाकृति बनाकर उसकी पूजा करने के बाद सफेद मिष्ठान्न का भोग लगाना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से आने वाले दिनों में सर्प भय से मुक्ति मिलती है। जिनकी कुंडली में कालसर्प योग का प्रभाव हो उन्हें नाग पूजन के अलावा धातु की सर्पाकृति को नदियों में प्रवाहित करना चाहिए।
सोमवार को अयोध्या के नागेश्वरनाथ पर जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्घालु उमड़े और सरयू में स्नान कर पूजन किया।