किसी इलाके में बिजली गुल और कहीं हाई वोल्टेज के चलते फुंके उपकरण के चलते इटौंजा कस्बे में रहने वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
लोगों ने रविवार को उपकेंद्र पर हंगामा किया और उपकरण की भरपाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इंजीनियर की लापरवाही से बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी।
रविवार तड़के चार बजे ट्रांसफार्मर में आई खराबी के चलते इटौंजा कस्बे की पुरानी बाजार सहित कई मोहल्ले में हाई वोल्टेज करंट फैल गया।
इससे दुर्गा प्रसाद, कमलेश मौर्या, सरिता सिंह, अमजद खां, मोबीन अली, चंद्रशेखर, अभिषेक कुमार सिंह सहित 25 से अन्य उपभोक्ताओं के पंखे, वायरिंग, फ्रिज आदि बिजली उपकरण जल गए।
बाद में ट्रांसफार्मर की खराबी शाम पांच बजे दूर हुई तब बिजली चालू हो सकी। यानी 300-400 लोगों को 12 घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
इसी उपकेंद्र के ही विश्व बैंक फीडर को बिजली आपूर्ति करने वाली 11 हजार की केबल में इटौंजा थाने के पास शनिवार की शाम ब्लास्ट हो गया। इससे शनिवार शाम से रविवार शाम 24 घंटे तक बिजली गुल रही।
इसके चलते कुम्हरावां, महिगवंा सहित 50 गांवों की बिजली बाधित हुई। इटौंजा कस्बे में रामलीला मैदान में रखे 630 केवीए के ट्रांसफार्मर में आई खराबी के चलते शनिवार की शाम चार बजे से नौ बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही।
कर्मचारियों ने ट्रांसफार्मर दुरुस्त किया लेकिन दस मिनट बाद ही ट्रांसफार्मर फिर खराब हो गया और एक फेस की बिजली गुल हो गई ।
इन घटनाओं को लेकर लोगों ने सुबह उपकेंद्र पर हंगामा किया। इटौंजा के पास रविवार दोपहर 11 हजार लाइन का तार टूटकर पानी से भरे गड्ढे में गिर गया।
इससे गड्ढे में कंरट उतर आया। जिसमें नहाने उतरी इटौंजा के किसान गुड्डू रावत की भैंस क रंट लगने से मर गई। ग्रामीणों ने मामले की सूचना पावर स्टेशन पर दी। तब बिजली आपूर्ति बंद की गई।