राजधानी लखनऊ में कागजों पर मृत दिखाकर समाज कल्याण विभाग ने 70 साल की राम दुलारी की पेंशन बंद कर दी। सवा साल से वह दफ्तरों के चक्कर लगाकर अपने जिंदा होने का सुबूत दे रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। सोमवार को वह बख्शी का तालाब तहसील पहुंचीं और समाधान दिवस पर अफसरों से गुहार लगाई। एसडीएम से कहा... साहब मैं जिंदा हूं। फिर भी पेंशन बंद कर दी गई, हाथ जोड़ रही, इसे जारी करवा दीजिए।
एसडीएम ने दौलतपुर के चकबनकट निवासी राम दुलारी की शिकायत सुनी। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। ये भी कहा कि जांच कराएं कि आखिर किसने और किस आधार पर राम दुलारी की पेंशन बंद की। अगर कोई जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें।
उधर, डीएम विशाख जी ने सदर तहसील में जनसुनवाई की। यहां कई शिकायतें प्रधानमंत्री आवास संबंधी थीं। इसमें उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यहां कुल 17 शिकायतें आईं। इनमें से आठ का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बीकेटी तहसील में दौलतपुर के ग्रामीणों ने गांव में दाह संस्कार के लिए जमीन आरक्षित करने की मांग की।
इसके अलावा हनुमंतपुर की रहने वाली कमला देवी ने बताया कि तीन साल पहले उनका प्रधानमंत्री आवास बनकर तैयार हो गया था। उसमें उन्होंने काम किया था, लेकिन आज तक उनको मजदूरी का भुगतान नहीं मिला। एसडीएम ने सचिव से पूछा तो वह टालमटोल करने लगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द भुगतान कराया जाएगा।