पेंशन की जानकारी के लिए विकास भवन पहुंचीं महिलाएं और अन्य लोग।
लखनऊ। दोपहर 12:50 बजे विकास भवन के तीसरे तल पर प्रोबेशन विभाग के कार्यालय से बाहर निकलीं पारा क्षेत्र की मीना सैनी के चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। खाते में छह माह से पेंशन नहीं पहुंची थी। यह चौथी बार था, जब उन्हें कुछ दिन इंतजार करने का आश्वासन मिला था। मीना का कहना था कि उनके परिवार में कोई नहीं है जो पेंशन की जानकारी के लिए विकास भवन आ सके। उन्हें ही चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह समस्या केवल मीना की नहीं थी। कई निराश्रित महिलाएं बैंक पासबुक और आधार लेकर पेंशन की जानकारी करने पहुंची थीं।
लखनऊ में 60 हजार से अधिक निराश्रित महिलाएं हैं। इनमें से ज्यादातर को छह माह से पेंशन नहीं मिली है। कर्मचारी बजट न होने और कुछ दिन इंतजार करने का जवाब देते हैं। वहीं, अधिकारी पेंशन की रकम खातों में भेजे जाने का दावा करते हैं। मगर अटकी पेंशन शुरू कराने की आस में महिलाएं विकास भवन की दौड़ लगा रही हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर पांडेय का कहना है कि पेंशन निदेशालय से भेजी गई है। कभी-कभार आधार से लिंक खाते में पैसा चला जाता है। बजट व अन्य कोई समस्या नहीं है।
सफर में दिक्कतें, किराये में डेढ़ से 200 रुपये का खर्च
विकास भवन आने में महिलाएं सफर में तो दिक्कतें झेलती ही हैं, डेढ़ से 200 रुपये किराया भी लग जाता है। बालागंज से तीसरी बार आई महिला ने बताया कि पहले 15 अगस्त तक पेंशन आने की बात कही थी। अब 25 सितंबर तक इंतजार करने के लिए कहा है। बताया कि किराये में करीब डेढ़ सौ रुपये लग जाते हैं। मीना सैनी का कहना था कि एक बार में 200 रुपये खर्च होते हैं। पारा क्षेत्र की राशिदा भी छह माह से पेंशन का इंतजार कर रही हैं। ठाकुरगंज में रहने वाली कलावती दूसरी बार पेंशन की जानकारी करने पहुंची थीं।
तीन चक्कर लगाए, अब कहा डीबीटी कराओ
पेंशन का पताकर सीढि़यों से उतर रहीं पांडेयगंज की अनिला तीसरी बार विकास भवन पहुंची थीं। बताया कि पहले इंतजार करने के लिए कहा था। अब बताया कि बैंक जाकर डीबीटी कराओ। गणेशगंज की माया को भी एक वर्ष से पेंशन नहीं मिली है। उन्हें भी बैंक जाकर डीबीटी की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा गया।
पेंशन की जानकारी के लिए विकास भवन पहुंचीं महिलाएं और अन्य लोग।