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Lucknow News: ग्रीन गैस का कर्मचारी बताकर चार लोगों से 13.56 लाख रुपये ठगे

Wed, 16 Sep 2026 02:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। साइबर जालसाजों ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर चार लोगों को एपीके फाइल डाउनलोड कराई और 13.56 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने मीटर या बिल अपडेट करने का झांसा देकर मोबाइल का एक्सेस हासिल किया और बैंक खातों से रकम निकाल ली। पीड़ितों ने एफआईआर दर्ज कराई है।
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गोसाईंगंज के हबीरपुर निवासी बसंत कुमार सिंह के मुताबिक, 10 सितंबर को ग्रीन गैस मीटर अपडेट करने के नाम पर व्हाॅट्सएप कॉल आई। जालसाज ने एपीके फाइल डाउनलोड कराई। इसके बाद एचडीएफसी बैंक खाते से पांच बार में 5,85,597 रुपये निकाल लिए। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना आलोक राव ने बताया कि बसंत की शिकायत पर 14 सितंबर को धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जालसाज के बैंक खाते के बारे में पता लगाया जा रहा है।
मानकनगर के समर विहार निवासी 88 वर्षीय शिबादास बनर्जी को छह सितंबर को तीन नंबरों से कॉल आई। जालसाजों ने मीटर अपडेट के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराई। इसके बाद उनके खाते से आईएमपीएस के जरिये पांच लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि पीड़ित के बैंक से उन खातों की डिटेल मांगी गई है, जिनमें रुपये ट्रांसफर किए गए।
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सरोजनीनगर के हाइडिल कॉलोनी निवासी संजय कुमार का आशियाना के रजनीखेड़ा इलाके में एक मकान है। उसी मकान के पते पर उनका ग्रीन गैस का कनेक्शन भी है। संजय के अनुसार, उन्हें 17 अगस्त को ग्रीन गैस कनेक्शन बंद करने के नाम पर कॉल आई। जालसाजों ने एप डाउनलोड कर 10 रुपये फीस देने के लिए कहा। लिंक के जरिये भुगतान का प्रयास करते ही मोबाइल हैक हो गया और तीन बैंक खातों से 1.41 लाख रुपये निकाल लिए गए। इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर 14 सितंबर को आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच की जा रही है।
इंदिरानगर सेक्टर-डी निवासी नीलम साह को आठ सितंबर को बिल अपडेट करने के नाम पर फॉर्म भराया गया। इसमें बैंक संबंधी जानकारी लेने के बाद 10 सितंबर को उनके खाते से 1.30 लाख रुपये निकाल लिए गए। इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि 14 सितंबर को आईटी एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच की जा रही है।
एपीके डाउनलोड हो जाए तो तुरंत करें ये काम
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक, एपीके डाउनलोड या इंस्टॉल होने पर तुरंत मोबाइल का इंटरनेट और वाई-फाई बंद कर दें। संदिग्ध एप को कोई अनुमति न दें। बैंक, यूपीआई और अन्य खातों की जांच कर जरूरी पासवर्ड किसी सुरक्षित डिवाइस से बदलें। रकम निकलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। संदिग्ध नंबर और मेसेज के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। इसे लखनऊ पुलिस की ऑर्गनाइज्ड क्राइम हेल्पलाइन 7839861034 पर भेजें।
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