लखनऊ। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (द्वितीय) ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए पीड़ित परिवार के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने कंपनी को न केवल बीमा राशि का भुगतान करने, बल्कि देरी के लिए भारी जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है।
झांसी के सितौरा निवासी रामस्वरूप की 25 दिसंबर 2016 को जहरीले कीड़े के काटने से मौत हो गई थी। वह प्रदेश सरकार की सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना के तहत बीमित थे। बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्टता न होने और आय प्रमाणपत्र पेश न करने का तर्क देकर क्लेम देने से इन्कार कर दिया था। इसके खिलाफ मृतक की पत्नी गौरी दुलैन ने 5 अक्टूबर 2018 को लखनऊ स्थित उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था।
आयोग के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कंपनी की आपत्तियों को अनुचित पाया। आयोग ने आदेश किया कि कंपनी वादी को 5 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान करे। इसमें से आधी राशि (2.5 लाख) पत्नी गौरी दुलैन को और शेष आधी राशि तीन बेटों व एक विधवा पुत्रवधू में बराबर बांटी जाएगी।
यही नहीं, देरी के दंड स्वरूप 1 जनवरी 2018 से आदेश की तिथि तक प्रति सप्ताह 1,000 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी और मानसिक कष्ट के लिए 10,000 रुपये और कानूनी खर्च (वाद व्यय) के लिए 5,000 रुपये अलग से देने होंगे।